शिया समुदाय के दाऊदी बोहरा संप्रदाय के मुस्लिमों के लिए उनके धर्मगुरू का फरमान सुर्खियों में आया था जिसमें कहा गया था कि उन्हें वेस्टर्न टॉयलेट इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि स्‍थानीय मस्जिद के प्रतिनिधि फोन कर घर में प्रयोग में लाए जा रहे टॉयलेट के बारे में जानकारी मांगते हैं। इसका प्रयोग करने वालों से इसकी वजह पूछी जा रही है। साथ ही घुटनों या अन्‍य तरह की बीमारियों से ग्रसित परिजनों के बारे में भी सूचनाएं मांगी जा रही हैं। इसके अलावा अगली बार मस्जिद आने पर मौलवी से मिलने का निर्देश भी दिया जा रहा है। अब इसी तरह की खबरों के बाद सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है।

इस वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि कुछ मुस्लिम समाज के लोग वॉशरूम में घुसकर वेस्टर्न टॉयलेट को हथौड़े से तोड़ रहे हैं। इस वीडियो को इस्लामिक स्कॉलर तारिक फतेह ने भी अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया है। तारेक फतेह ने लिखा है कि भारत में कुछ लोग मुसलमानों के घरों में जाकर वेस्टर्न टॉयलेट का मुआयना कर रहे हैं और अपने मुल्लाओं को खुश करने के लिए उसे तोड़ भी रहे हैं।

 

वेस्टर्न टॉयलेट तोड़ने के फरमान को बोहरा समुदाय के लोग इसे निजता के अधिकार का उल्‍लंघन बता रहे हैं। समुदाय के मामलों को देखने वाली संस्‍था अंजुमन-ए शिया अली के प्रवक्‍ता ने इसे सिर्फ सलाहकारी बताया है। उन्होंने बताया कि भारतीय शैली के टॉयलेट ज्‍यादा साफ और स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बेहतर होते हैं। इसलिए इसका सर्वे कर लोगों को वेस्‍टर्न के बजाय इंडियन टॉयलेट का इस्‍तेमाल करने के लिए प्रोत्‍साहित किया जा रहा है।