हरियाणा के एक गांव में पिछले साल नवबंर में तेंदुए की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी और वन विभाग के लोग इस घटना को मजबूर होकर देखते रहे। इसके क्रूर घटना के बाद से पूरा देश हैरान रह गया और बहस शुरू हो गई कि जब तेंदुए को इस तरह से देखा जाएगा तो उसके खिलाफ के क्या कदम उठाने जरुरी होंगे। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो सुर्खियों में हैं, इसमें मादा तेंदुए को अपने बिछड़े बच्चों से मिलता हुआ दिखाया गया है। इस वीडियो को देखकर आपको लोगों की मानवता पर विश्वास करने लगेंगे।
दरअसल महाराष्ट्र के पुणे में सोमाटवाडी गांव में गन्ने के खेत में तेंदुए के 2-3 हफ्तों के बच्चों को देखा गया था। स्थानीय लोगों द्वारा फसल काटते समय उन्हें बच्चे मिले थे। इसके बाद गांववालों ने बच्चों की तालाश में भटक रही मां को अपने बच्चों से मिलाने का फैसला किया। स्थानीय लोगों द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद वाइल्डलाइफ एसओएस टीम और महाराष्ट्र वन विभाग के लोग पहुंचे। टीम ने बच्चों का मेडिकल टेस्ट करने के बाद उन्हें वही पर एक कैरेट में रखने का फैसला किया, जहां उसकी मां को आखिरी बार देखा गया था। मां और बच्चे के मिलने के इस मार्मिक क्षण को कैद करने के लिए रिमोट कैमरा और लाइट्स लगाई गई थी।
करीब दो घंटे के इंतजार के बाद बच्चों की मां वहां आई। उसने दोनों बच्चों को बक्सों से निकाला और उन्हें साथ ले कर जंगल में गायब हो गई। उसने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया। मनिकडोह तेंदुए बचाव केंद्र के वरिष्ठ पशु चिकित्सक अजय देशमुख ने कहा कि सारी अरेंजमेंट करने के कुछ घंटों के बाद मादा तेंदुआ आती और अपने बच्चों को लेकर चली जाती है। तस्वीरों को देखकर पता चल सकता है कि उसने अपने बच्चों को कितना मिस किया होगा। हमारा पहला उद्देश्य मां को बिछड़े हुए बच्चों से मिलाना था।
