कोरोना वायरस से निपटने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन किया गया है। 24 मार्च को लॉकडाउन के ऐलान के बाद से ही समाज के एक वर्ग विशेष के बीच रोटी का संकट आन पड़ा है। दिहाड़ी मजदूरों के साथ ही तमाम ऐसे लोग दो वक्त की रोटी को मोहताज हो गए हैं जो रोजाना कमाकर खाते थे। लॉकडाउन के कारण ऐसे लोगों पर काफी चोट पहुंची है। इंसानों के साथ ही सड़कों औऱ गलियों में घूमने वाले जानवरों पर भी काफी बुरा असर हुआ है। उन्हें भी अपना पेट भरने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

इन सबके बीच सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो हो रहा है। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि किसी गली में टहलते हुए एक कुत्ते की नजर रोटी पर पड़ती है। कुत्ता रोटी की तरफ बढ़ता है। तभी वहां से गुजर रही दो औरतें भी रोटी की तरफ देखती हैं औऱ कुत्ते को दुत्कार वहां से हटा देती हैं। कुत्ते के हटते ही वह औरतें रोटी उठाकर चल देती हैं।

इस वीडियो को वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने भी अपने फेसबुक पेज से शेयर किया है। रवीश कुमार के फेसबुक पेज से ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है।

रवीश कुमार ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा- ‘इस दौर में कुत्ते इंसान से ज़्यादा भूखे हैं। उनकी आंत सिकुड़ गई है। भूख से रात भर चिल्लाते रहते हैं। कुत्ते का त्याग महान है। वह झपट सकता था। गुर्रा सकता था। दोनों औरतें भाग जातीं। उसे पता है कि इंसानों के बीच बहुत से लोग कुत्तों की चिन्ता करते हैं। उनके लिए खाना लाते हैं। उसका अहसान इस कुत्ते ने अपना हिस्सा छोड़ कर चुका दिया है। औरतों के लिए सरकार की योजना है। कई नेक दिल लोग आम लोगों तक खाना पहुँचा रहे हैं। फिर भी भूखे तक रोटी नहीं पहुंच पा रही है।’

रवीश कुमार ने आगे लिखा- ‘इस वीडियो को कई बार देखा। इस उम्मीद में कि ज़मीन पर गिरा रोटी का टुकड़ा नहीं होगा। तो फिर वह क्या था जिस पर पहले कुत्ते ने झपटा फिर बाद में उसके लिए दोनों औरतें कुत्ते पर झपटती हैं ? वो क्या था ? मैं ग़लत होना चाहता हूँ ताकि कुत्ता सही न हो जाए। सरकार की जाँच ज़रूरी है कि उस रोटी का क्या हुआ ? ज़्यादा कुछ नहीं कहना है। ज़्यादा कुछ नहीं देखना है। बस उस भूख को समझना है जिसकी आग किसी की आँत में जलती है।’

रवीश कुमार के फेसबुक पेज से ये वीडियो करीब 4 हजार बार शेयर किया जा चुका है। वहीं रवीश के इस पोस्ट पर लोगों की खूब प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। लोग लिख रहे हैं कि सरकार को कोई भी फैसला लेने से पहले ऐसे लोगों के बारे में सोचना तो चाहिए जिनके लिए एक वक्त की रोटी भी नसीब हो जाना बड़ी बात होती है।