नोटबंदी की घोषणा के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने शुक्रवार को एक बार फिर प्रधानमंत्री पर परोक्ष रूप से निशाना साधा है। उन्होंने प्रधानमंत्री का नाम लिए बगैर कहा कि नोटबंदी से देश की अर्थव्यस्था को क्षति पहुंची है। पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद ने ट्वीट कर कहा, “किसी व्यक्ति के शरीर से भारी मात्रा में खून, उसके फेफड़े, जिगर, गुर्दे और आंत निकाल दिए जाएं तो क्या वह जिंदा रहने में सक्षम होगा? कुछ यही हाल हमारी अर्थव्यस्था का भी किया गया है।” उन्होंने प्रधानमंत्री का नाम लिए बिना नकद रहित के सुझाव पर तंज कसते हुए एक अन्य ट्वीट में अंग्रेजी और हिन्दी भाषा का इस्तेमाल करते हुए लिखा, “अर्थहीन प्रपंचों से हो रही अंतहीन दिक्कतों को दबाने के लिए नकद रहित जैसी आधारहीन बातें कर रहे हैं.. उन्हें यथार्थवादी होना चाहिए।”

नोटबंदी के खिलाफ पटना में एक विशाल रैली करने की घोषणा कर चुके लालू प्रसाद नोटबंदी के बाद से ही प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं। राजद कार्यकर्ता 28 दिसंबर को पटना सहित राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना पर बैठकर नोटबंदी के खिलाफ विरोध जता चुके हैं। लालू ने 28 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ “मोदी हटाओ, देश बचाओ” नाम से अभियान की शुरुआत की थी। लालू ने इससे पहले कहा था कि पीएम की ”बिना हड्डी की ज़ुबान है। कुछ भी बोल देते है। उन्हें खुद याद नहीं होगा विगत 48 दिनों में क्या-क्या बोला है और क्या-क्या नहीं बोला?”

देखिए लालू के ट्वीट पर यूजर्स ने क्‍या कहा:

https://twitter.com/hunterQ216/status/814724684516233216

https://twitter.com/AdvaitIsUnique/status/814726280428027904

https://twitter.com/PrarthanaSawant/status/814726260517638144

https://twitter.com/rajeshmehra74/status/814740998802718720

https://twitter.com/Gopal48000/status/814774413174435840

पिछले कई दिनों से लालू लगातार पीएम मोदी पर कभी जुबानी हमले कर रहे हैं तो कभी ट्विटर के सहारे उन पर तंज कस रहे हैं। इससे पहले भी वह सवाल कर चुके हैं कि 50 दिन होने वाले है देश में नोटबंदी को लेकर हालात सुधरे नही है अब पीएम मोदी बताए की उन्हें कौन से चौराहे पर सजा दी जाए।

13 नवम्बर को गोवा में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी कहा था कि अगर 50 दिनों में स्थिति नहीं सुधरी तो उन्हें जो भी सजा दी जाएगी वह उसे स्वीकार करेंगे।