इस बार का मानसून सत्र हंगामे के गया। एक भी दिन संसद में चर्चा ढंग से नहीं हो पाई। विपक्ष के द्वारा सदन में पेगासस जासूसी कांड, कृषि कानून, बेरोजगारी के मुद्दे पर हंगामा होता रहा। सोमवार को विपक्ष के कुछ सांसदों द्वारा जनरल इंश्योरेंस अमेंडमेंट बिल पर चर्चा के दौरान बिल की कॉपी फाड़कर चेयर पर फेंक दी गई थी। कल का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें विपक्षी नेता के साथ मार्शल धक्का-मुक्की करते दिखाई दे रहे हैं। इसी मुद्दे पर केंद्रीय उड्डयनमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विपक्ष पर हमला करते हुए एक ट्वीट किया है।

उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा कि ये अत्यंत दुख और शर्म की बात है कि सरकार द्वारा विपक्षी दलों को लगातार मुद्दों पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित करने के बावजूद भी विपक्ष ने सकारात्मक चर्चा के बजाय दुर्व्यवहार कर सदन और लोकतंत्र की गरिमा को शर्मसार किया। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने लिखा कि देश को अब कोरोना की लड़ाई के साथ-साथ नकारात्मक सोच वाले विपक्ष से भी लड़ना पड़ रहा हैI संसदीय गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले कृत्य के लिए विपक्षी दल को देश से माफी मांगनी चाहिए।

उनके इसी ट्वीट पर लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक ट्विटर अकाउंट से उनके इस ट्वीट पर लिखा गया कि बढ़िया जोक। @SantoshJhaINC टि्वटर हैंडल से कमेंट किया गया कि शर्म महसूस करो शर्म महाराज। एक टि्वटर यूजर ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर तंज कसते हुए लिखा कि नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली.श्रीमंत,आपके श्रीमुख से मर्यादा, गरिमा, शर्मिंदगी आदि शब्द अच्छे नहीं लगते हैं। हालांकि आपकी मजबूरी भी समझते हैं कि बमुश्किल मिली कुर्सी को बनाये रखने के लिए आकाओं की चापलूसी तो करनी पड़ेगी।

एक टि्वटर अकाउंट से लिखा गया कि आप भी माफी मांगे। आपने मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री को कोरोना के समय होटल भेज दिया था। @KRISHNA77893799 टि्वटर हैंडल से कमेंट आया कि तुम्हारे तरह डरपोक या गद्दार नहीं हैं जो मैदान छोड़ दें। एक टि्वटर हैंडल से मजे लेते हुए लिखा गया है कि पहले आप भी शामिल थे न सर?

बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मार्च 2020 में कांग्रेस का साथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था। उन्होंने बीजेपी ज्वाइन करने पर कहा था कि आज मन व्यथित है और दुखी भी है। जो कांग्रेस पार्टी पहले थी वह नहीं रही। उनके बीजेपी में शामिल होने के बाद मध्यप्रदेश में कमलनाथ की सरकार गिर गई थी।