सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पीरियड्स के दौरान महिलाओं द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले टैंपोन्स के खिलाफ एक शख्स बोल रहा है। इस वीडियो को पाकिस्तानी मूल के मशहूर लेखक तारिक फतेह ने भी अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से शेयर किया है। लोग इस वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिख रहे हैं कि क्या इस्लाम का मतलब सिर्फ महिलाएं और सेक्स ही है। तारिक फतेह ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा है कि ये मौलवी टैंपोन के खिलाफ फतवा जारी कर रहा है, क्योंकि इसके अनुसार टैंपोन का इस्तेमाल करना हस्तमैथुन करने के जैसा है। तारिक फतेह ने ये भी लिखा है कि इसके अनुसार टैंपोन का इस्तेमाल महिलाओं के हाइमन को तोड़ देता है जिस कारण सुहाग रात के दिन औरतों को शर्मिंदा होना पड़ता है।
आपको बता दें कि टैंपोन का इस्तेमाल मासिक धर्म (पीरियड) के खून को सोखने का काम करता है। ये एक तरह से सेनेटरी पैड की तरह काम करता है। ये नरम कपास से बना होता है, जिसे पतले बेलनों के आकार की ट्यूबों में ढाला जाता है। प्रत्येक टैंपोन में एक छोटा सा धागा होता है जो कि योनि के बाहर निकला रहता है। टैंपोन हटाने के लिए धागे को बाहर खींचना होता है। इस वायरल वीडियो में ये शख्स इसी टैंपोन के बारे में बात कर रहा है। ये बता रहा है कि कैसे टैंपोन का इस्तेमाल औरतों को उनके पति के सामने बेशर्म औरत के तौर पर पेश कर सकता है।
US-born Islamic scholar issues Fatwa against women using tampons, b/c inserting tampons into the vagina is an imitation of masturbation. And as tampons can break the hymen, women who don't bleed on their wedding night bring shame upon their families.pic.twitter.com/drA3sbJ0a8
— Tarek Fatah (@TarekFatah) January 12, 2018
All islamic scholars are used to be like this only whether US- born Pak born or India born. But yes, these scholars have better understanding of Islamic things.
— I Put Spell On You (@ashutosh0015) January 12, 2018
Education, Location, Environment etc does mot affect Islamic doctrine is well proved in every part of the world.
— Anil Bahl अनिल बहल ॐ?? (@_anilbahl) January 12, 2018

