फिल्म पद्मावत का विरोध कर रही भीड़ ने बुधवार दोपहर को गुरुग्राम के सोहना रोड पर स्कूली बस पर हमला किया था। बस में 30 बच्चे और 3 स्कूल टीचर सवार थे। बच्चों ने किसी तरह बस की फ्लोर पर झुककर खुद को बचाया था। अधिकारियों के मुताबिक घटना घमरोज गांव के पास हुई जब भीड़ ने बस पर लाठियों और पत्थरों से हमला कर दिया। बच्चों से भरी स्कूली बस पर बुधवार को हुए हमले के सिलसिले में गुरुग्राम पुलिस ने 18 लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों को गुरुवार को कोर्ट में पेश करने के बाद 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस खबर के बाद मीडिया में आने के बाद ये अफवाह उड़ने लगी कि गिरफ्तार आरोपियों में कुछ मुस्लिम युवक भी शामिल थे। सोशल मीडिया में बकायदा नामों के साथ लिखा गया कि ये लोग बच्चों की बस पर पथराव में शामिल थे।
हालांकि अब इस तरह की अफवाह फैलने के बाद गुरुग्राम पुलिस की सफाई आई है। पुलिस ने बच्चों की बस पर पथराव मामले में किसी भी मुस्लिम युवक की गिरफ्तारी की खबरों का खंडन किया है। गुरुग्राम पुलिस ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा कि – हम यह साफ करना चाहते हैं कि हाल में हरियाणा रोडवेज़ औऱ स्कूली बच्चों की बस पर पथराव के मामले में किसी भी मुसलमान युवक को गिरफ्तार नहीं किया है।
This is to clarify that no Muslims boys have been detained in relation to the recent acts of vandalism on a Haryana Roadways bus and a School bus in Gurugram.
— Gurugram Police (@gurgaonpolice) January 26, 2018
गुरुग्राम पुलिस के इस ट्वीट के बाद लोग उन लोगों को निशाना बना रहे हैं जो इस तरह की अफवाह फैला रहे थे कि करणी सेना की आड़ में दूसरे लोग गलत कामों को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे लोगों को लिखा जा रहा है कि आपको किसी भी खास धर्म के लोगों को खामखां बदनाम करने के लिए शर्म आनी चाहिए और माफी भी मांगनी चाहिए।
