Sriprakash Jaiswal Passes Away: पूर्व केंद्रीय कोयला मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्रीप्रकाश जायसवाल का शुक्रवार शाम कानपुर में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 81 साल के थे। उनके निधन पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने दुख जताया है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्रीप्रकाश जायसवाल जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। जनसेवा और पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा एक मिसाल है। उनका जाना कांग्रेस के लिए एक अपूरणीय क्षति है। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं उनके शोकाकुल परिवार, समर्थकों और शुभचिंतकों के साथ हैं।”

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने लिखा, “UPA सरकार में मेरे सहयोगी रहे, पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्रीप्रकाश जायसवाल जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। वे एक सच्चे और निष्ठावान कांग्रेसी थे जिन्होंने कानपुर के विकास व कल्याण के लिए पूरी ईमानदारी से जनसेवा का कार्य किया। उनका जाना कांग्रेस पार्टी के लिए भी एक बड़ी क्षति है। दुःख की इस घड़ी में उनके परिवारजनों व समर्थकों के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूं।”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “पूर्व केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ राजनेता श्री श्रीप्रकाश जायसवाल जी का निधन अत्यंत दुःखद है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान व शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!”

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कौन थे श्रीप्रकाश जायसवाल?

जायसवाल 1999 से 2009 तक तीन बार सांसद रहे और मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में कार्य किया। ज्यादातर विवादों से दूर रहने वाले और कानपुर कार्यकर्ताओं के करीबी माने जाने वाले जायसवाल ने पहली बार 1989 में कानपुर नगर महापौर का चुनाव जीता था। 1999 में, उन्होंने तीन बार के भाजपा सांसद जगत वीर सिंह द्रोण को हराकर संसदीय क्षेत्र में पदार्पण किया। 2004 में उन्होंने बीजेपी के सत्यदेव पचौरी को और फिर 2009 में बीजेपी उम्मीदवार सतीश महाना को हराकर कानपुर के सांसद चुने गए।

वह 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव हार गए, पहले बीजेपी के मुरली मनोहर जोशी से और फिर सत्यदेव पचौरी से। स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने 2024 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा। केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने से पहले, उन्होंने 2000 से 2002 तक उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (यूपीसीसी) के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।