आज यानि मंगलवार (16/05/2017) को सीबीआई ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम के चेन्नई वाले घर पर छापे मारी की। वित्त मंत्री रहते हुए चिदंबरम द्वारा आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश के लिए मंजूरी दिए जाने के आरोप लगने के बाद लोग उनकी काफी आलोचना कर रहे हैं। जानेमाने फिल्ममेकर अशोक पंडित ने पी. चिदंबरम पर ताना मारते हुए कहा कि रेड के बाद आपके सम्भावित बयान यहीं होंगे, यह राजनीतिक षड़यंत्र है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिया जा रहा राजनीतिक प्रतिशोध है।

अशोक पंडित ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक ट्वीट के जरिए पी. चिदंबरम पर ताना मारा, तो वहीं इसका जवाब देते हुए एक यूजर ने लिखा कि अरुण जेटली के घर कब सीबीआई की रेड पड़ेगी। इस यूजर का नाम मुब्बासिर अली है। अली लिखते है कि हम जानते हैं कि डीडीसीए में भ्रष्टाचार अरुण जेटली की देन है। अरुण जेटली के यहां कब सीबीआई रेड पड़ेगी। इसी तरह कई अन्य लोग भी इस ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

आपको बता दें कि पी. चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने 2007 में इंद्राणी मुखर्जी और पीटर मुखर्जी की कंपनी आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश के लिए मंजूरी दिलाई थी। सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि चेन्नई के अलावा दिल्ली, मुंबई और गुरुग्राम में भी इनके ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। चेन्नई में पी. चिदंबरम के नुंगमबारम स्थित आवास में छापेमारी की जा रही है। अपुष्ट रिपोर्ट के अनुसार चिदंबरम के पैतृक शहर कराईकुड़ी में भी छापे मारे जा रहे हैं। सीबीआई ने सोमवार को इस मामले में केस दर्ज किया था। सीबीआई ने इंद्राणी, पीटर और के खिलाफ मामला दर्ज किया। सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया के अलावा निदेशक कार्ति के मार्फत उनकी कंपनी चेस मैनेजमेंट सर्विसेज और निदेशक पद्मा विश्वनाथन के मार्फत एडवांटेज कंसल्टिंग लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने चेन्नई में एक बयान जारी करके कहा, ‘‘सरकार सीबीआई तथा अन्य एजेंसियों का इस्तेमाल कर मेरे बेटे और उसके दोस्तों को निशाना बना रही है….सरकार का मकसद मेरी आवाज को बंद कराना और मुझे आगे लिखना से रोकना है जैसा कि उसने विपक्षी दलों के नेताओं, पत्रकारों, स्तंभकारों, एनजीओ और नागरिक समाज संगठनों के साथ किया है। ‘‘मैं बस इतना ही कहूंगा, मैं बोलना और लिखना जारी रखूंगा। चिदंबरम ने कहा कि एफआईपीबी को बनाने वाले पांच सचिवालय, एफआईपीबी सचिवालय के अधिकारियों तथा प्रत्येक मामलों में सक्षम प्राधिकारी जन अधिकारी हैं और उनमें से किसी के भी खिलाफ कोई आरोप नहीं थे। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे खिलाफ कोई आरोप नहीं है।’’