श्रीनगर लोकसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव के दौरान हिंसक घटनाओं में सात लोग की मौत हो चुकी है। वहीं उप चुनाव में इस सीट पर सिर्फ 7 प्रतिशत मतदान हुआ है। इससे पहले कभी मतदान के दौरान इतनी हिंसा यहां कभी नहीं हुई। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अबदुल्ला ने टीवी चैनल से बात करते हुए कश्मीर की वर्तमान स्थिती को 1980 के दशक के स्थिति से भी बुरी बताई है। जब उनसे पूछा गया कि क्या कश्मीर 80 के दशक में पहुच गया है जहां हिंसा का दौर चलता रहता था इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मैंने बेहद बुरी स्थिति देखी है। यूथ बेहद गुस्से में हैं जो पहले कभी नहीं रहा। इसे स्वीकार करें और इसपर काम करें। जब उनसे पूछा गया कि क्या आप भी चिदंबरम की तरह मानते हैं कि हम कश्मीर को खो रहे हैं तो उन्होंने कहा कि निश्चित ही आप कश्मीर खो रहे हो, जाग जाओ। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हुर्रियत से बात करो, युवाओं से बात करो, नेताओं से बात करो और किसी नतीजें पर पहुंचों।
Talk to youth, Hurriyat and other leaders to come to a solution: Farooq Abdullah Former J&K CM on Kashmir issue #NewsToday pic.twitter.com/FsWQ6fRVMe
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Do you really believe that we are losing Kashmir? Here's what former J&K CM Farooq Abdullah has to say. #NewsToday pic.twitter.com/Kbu7D0QHFv
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श्रीनगर में ये अब तक का सबसे कम मतदान है इससे पहले साल 2014 के आम चुनाव में इस सीट पर 26 प्रतिशत मतदान हुआ था। वहीं साल 1989 के चुनाव में नेशनल कांफ्रेंस के मोहम्मद शफी भट्ट ने निर्विरोध इस सीट पर जीत हासिल की थी । इससे पहले इस सीट पर सबसे कम मतदान 11.93 प्रतिशत 1999 में हुआ जब उमर अब्दुल्ला ने सीधे मुकाबले में महबूबा मुफ्ती को शिकस्त दी थी । वहीं सरकार ने अनंतनाग लोकसभा सीट के लिए 12 अप्रैल को उपचुनाव को देखते हुए पूरी कश्मीर घाटी मेंं इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। सा होने के बाद यह फैसला किया गया। सुरक्षाबलों की गोलीबारी में सात लोगों की जान चली गयी। झड़पों में दर्जनों नागरिक और 100 से अधिक सुरक्षाकर्मी भी घायल हो गए।श्रीनगर लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाले श्रीनगर, बडगाम और गंदेरबल जिलों में कल आधी रात से ही इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गयी थीं। यह कदम राष्ट्र-विरोधी तत्वों द्वारा अफवाहें फैलाये जाने पर रोक लगाने के लिए एहतियात के तौर पर उठाया गया था।आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान स्थित संगठन चुनाव के मौके पर दुष्प्रचार फैलाने में लगे हैं। वैसे आज मतदान के तत्काल बाद यह पाबंदी हटा ली जानी थी लेकिन अधिकारियों ने अनंतनाग के चुनाव संपन्न होने तक घाटी के सभी जिलों में यह पाबंदी लगाने का फैसला किया।
The youth in Kashmir is on the boil: Farooq Abdullah, Former J&K CM on Kashmir issue #NewsToday pic.twitter.com/QuwVTO5A0I
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