दिल्‍ली मेट्रो में गरीब बच्‍चों को एंट्री न दिए जाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दिल्‍ली की रहने वाले शिवान्‍या पांड्या ने जब देखा कि टिकट होने के बावजूद 4-6 गरीब बच्‍चों को मेट्रो में नहीं घुसने दिया गया तो उन्‍होंने यह मामला फेसबुक पर उठाया था। उन्‍होंने कई अधिकारियों व संबंधित लोगों को पोस्‍ट में टैग किया, जिसके बाद केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने मामले का संज्ञान लेते हुए फौरन कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। शिवान्‍या ने फेसबुक पर लिखा, ”रैपिड मेट्रो में 4-6 भीख मांगने वाले बच्‍चों को एंट्री से मना कर दिया गया क्‍योंकि उनके कपड़े गंदे थे और पसीने से तर-बतर थे, वे किराया भी दे रहे थे मगर गार्ड्स ने उन्‍हें अंदर आने से रोक दिया। एक मनुष्‍य के तौर पर, हम किस हद तक गिरेंगे और सबको जज करेंगे?? मुझे बहुत बुरा लग रहा है, काश मैं कुछ कर सकती मगर मैं भी बेचारी हूं। वे बमुश्किल 3-8 साल की उम्र के होंगे।”

शिवान्‍या ने आगे लिखा, ”हमारा देश तेजी से आगे बढ़ रहा है मगर हम लोगों को तेजी से पीछे छोड़ते जा रहे हैं। देश का विकास जरूरी नहीं कि नागरिकों का विकास हो, यही मेरा महान भारत और सरकार है। इस देश में ट्रांसजेंडर, एलजीबीटी, गरीबों, पिछड़ों के लिए कोई जगह नहीं। मेरा देश इसके लोगों के लिए नहीं है। मैं कभी-कभी ऐसी घटनाएं होती देख और फिर सरकार को विकास के बारे में बात करते देख शर्मिंदा हो जाती हूं।”

शिवान्‍या की पोस्‍ट वायरल होने के बाद केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी की नजर पड़ी। उन्‍होंने पोस्‍ट का स्‍क्रीनशॉट शेयर करते हुए ट्वीट किया, ”एक फेसबुक पोस्‍ट में कहा गया है कि कुछ गरीब बच्‍चों को टिकट होने के बावजूद मेट्रो ट्रेन में बैठने नहीं दिया गया। गरीब बच्‍चों के प्रति भेदभाव रोकने के लिए व्‍यापक तौर पर संवेदनशील होने की जरूरत है। मैंने दिल्‍ली मेट्रो के एमडी श्री मंगू सिंह को लिखा है कि वो मामले को देखें और सुनिश्चित करें कि ऐसा दोबारा न हो।”

शिवान्‍या के अनुसार, इंडसइंड बैंक साइबर सिटी मेट्रो स्‍टेशन के अधिकारियों ने बच्‍चों को एंट्री न देने की बात कबूली है, मगर उनके मुताबिक बच्‍चों के पास टिकट खरीदने के पैसे नहीं थे। शिवान्‍या का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में सब साफ हो जाएगा।