नरेंद्र मोदी द्वारा 8 नवंबर को किए गए नोटबंदी के ऐलान को 50 दिन पूरे हो चुके हैं। 500, 1000 रुपए के नोट बंद करने की घोषणा करते हुए पीएम ने बाद की रैलियों में कहा था कि 50 दिनों में फैसले से पैदा हुआ संकट खत्‍म हो जाएगा। नोटबंदी का ऐलान किए जाने के बाद से मोदी हर बार अपने भाषणों में देश की जनता से कह रहे थे कि उन्हें 50 दिन का समय दें, इसके बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगेंगे। 50 दिन पूरा होने पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी पीएम नरेंद्र मोदी और मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि कहा कि धन की निकासी पर लगे प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। हालांकि 50 दिन पूरे होने के बाद भी मोदी सरकार ने नोट निकासी पर लगे हुए बैन को बरकरार रखा है। लेकिन नोट निकासी की राशि को बढ़ाकर आम जनता को थोड़ी राहत जरुर दी है। मोदी सरकार ने 1 जनवरी से निकासी की सीमा को ढाई हजार से बढ़ाकर 4500 रुपए किया है।

सोशल मीडिया पर 50 दिन पूरे होने के बाद नरेंद्र मोदी की खिंचाई हो रही है। आम आदमी पार्टी ने भी इसे लेकर ‘चौराहे पर चर्चा’ नाम के कार्यक्रम का आयोजन किया है। इसी हैशटैग के तहत सोमवार को केंद्र सरकार पर लोगों ने निशाना साधा। सचिन त्‍यागी लिखते हैं, ‘देश को सालों पीछे धकेल दिया है मोदी ने हीरो बनने के चक्‍कर में। इसको लेकर एक बार देश के हर चौराहे पर चर्चा होनी चाहिए।’ हरप्रीत भिंडर लिखते हैं, ‘कितना नुक़सान हुआ देश को नोटबंदी से, फ़ायदे तो सरकार एक नहीं गिना पायी।’

ट्विटर पर यूजर्स ने क्‍या कहा, देखिए:

https://twitter.com/Roshan575002/status/815923326564663296

8 नवंबर को नोटबंदी के ऐलान के बाद से देश के बैंकों और एटीएम के बाहर रुपए निकालने वालों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। विपक्षी दलों ने लोगों को हो रही परेशानी को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर रुख बनाए रखा। मगर मोदी सरकार यह दावा करती रही कि सबकुछ ठीक है और देशवासी इस फैसले के साथ खड़े हैं।

प्रधानमंत्री ने खुद अपनी रैलियों और संबोधनों में जनता का शुक्रिया अदा किया था, मगर 50 दिन की समयसीमा खत्‍म होने के बाद से सरकार सोशल मीडिया पर आलोचना की शिकार हो रही है।