कश्मीर में तैनात रहे बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव द्वारा फेसबुक पर डाला गया शिकायती वीडियो वायरल होने के बाद सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। यादव ने वीडियो संदेश के जरिए बताया था कि बीएसएफ में जवानों को घटिया और कम खाना मिलता है, उच्च अधिकारी भ्रष्टाचार करते हैं। यादव का वीडियो फेसबुक पर वायरल होने के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। सिंह ने ट्वीट करके कहा, “मैंने बीएसएफ जवान की दुर्दशा पर वीडियो देखा है। मैंने इस संबंध में बीएसएफ से रिपोर्ट मांगी है। आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।” दूसरी तरफ, बीएसएफ ने इस पर सफाई देते हुए कहा था कि ‘कॉन्स्टेबल तेज बहादुर का अतीत परेशानी भरा रहा है। कॅरियर के शुरुआती दिनों से ही उन्हें रेगुलर काउंसिलिंग की जरूरत पड़ती थी। बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि यादव पर कई मामलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई हो चुकी है। अधिकारी के मुताबिक यादव कई मामलों में सजा तक काट चुका है। इसके अलावा जवान पर सही तरीका अपनाने की जगह वीडियो के जरिए शिकायत करने पर अनुशासनहीनता के आरोप लग रहे हैं।
यादव ने टीवी चैनलों से बातचीत में दावा किया है कि उसे बीएसएफ कैंप से हेडक्वार्टर ट्रांसफर कर दिया गया है। उसने कहा कि उसे एक प्लंबर का काम दिया गया है और कमांडेंट ने उससे वीडियो हटाने को कहा है। दूसरी तरफ, सोशल मीडिया पर बीएसएफ जवान के समर्थन में लोग लगातार पोस्ट कर रहे हैं। फेसबुक तथा ट्विटर पर #BSFjawan हैशटैग के साथ हजारों यूजर्स ने यादव के वीडियो पर अपनी राय जाहिर की है।
कई लोगों ने बीएसएफ द्वारा यादव को शराब का लती बताए जाने पर भी नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि यादव ने बहादुरी से सिस्टम में भ्रष्टाचार का जिक्र किया मगर उसकी बात सुनने की जगह उसे ही दोषी करार दिया जा रहा है। एक यूजर ने लिखा है, ”जो सवाल #BSFjawan ने उठाये गए हैं बहुत जायज़ हैं। अफसरों पर सवाल उठाये हैं, इसकी जांच होनी चाहिए।”
देखें यूजर्स ने क्या कहा:
CM @ArvindKejriwal
जो सवाल #BSFjawan ने उठाये गए हैं बहुत जायज़ हैं। अफसरों पर सवाल उठाये हैं, इसकी जांच होनी चाहिए। @abpnewshindi— Javed Mansoori (@mjaved819) January 10, 2017
https://twitter.com/rachnaburman/status/818706256965812224
A look at the #BSFjawan's complaints, and the #BSF's response suggests that good food is not reaching our soldiers, but lot of alcohol is.
— Ramesh Srivats (@rameshsrivats) January 10, 2017
https://twitter.com/KamatGurudas/status/818684054958735361
Hope Government considered all things carefully before made allegations by dragging past, The #BSFJawan showed guts as #WhistleBlower
— Tanmoy Singha (@singhatanmoy) January 10, 2017
Bloody pseudonationalists blaming #BSFJawan not ques the food quality n how come with 16 medals + 20 yrs he is still a constable? 1/2
— Asif (@Asif_DrMed) January 10, 2017
So the process of gunning down the #BSFJawan with anti-national,porkistani,sickular taunts & defaming him has started. Welcome to new india
— Sayan (@Tweets_by_Sayan) January 10, 2017
After allegations by #BSFjawan,rationstocking n distribution process in def.forces shud be investigated and action taken against the guilty
— Mimansa Malik (@mimansa_malik) January 10, 2017
#BSFjawan truth revealed .. no matter what your officers say we the countrymen stand by you and our elected government will do justice
— DadhwalSir (@SirDadhwal) January 10, 2017
Corruption in serving the defence forces is the highest breach of trust of a common man's money paid in the form of taxes. #BSFjawan
— Shubham Garg (@gshubham91) January 10, 2017
अपने करियर पर उठाए गए सवालों के जवाब में जवान ने कहा कि आरोप लगाने वालों से यह भी पूछा जाए कि अगर मैं इतना ही गलत था तो क्यों उन्हें अवार्ड दिए गए। तेज बहादुर ने बताया कि उन्हें 16 बार सम्मानित किया जा चुका है और एक बार वह गोल्ड मेडल भी जीत चुके हैं। हालांकि उन्होंने माना कि करियर में उन्होंने कुछ गलतिया कीं, लेकिन फिर वह उनमें सुधार भी कर चुके हैं।

