9000 हजार करोड़ रुपये का कर्ज नहीं चुका पाने के मामले भगोड़ा घोषित किए गए भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या सोमवार को प्रत्यर्पण पर सुनवाई के लिए लंदन के वेस्टमिंस्टर मैजिस्ट्रेट्स कोर्ट पहुंचे। सोमवार को भारत सरकार की ओर से इस बात पर दलील दी जाएगी कि भारत में कैदियों की हालत कई देशों की तुलना में बहुत बेहतर है। लंदन के वेस्टमिंस्टर मैजिस्ट्रेट्स कोर्ट को बताया जाएगा कि कैदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य का कर्तव्य है और जान को खतरे की माल्या की आशंका भ्रम फैलाने की कोशिश है। इससे पहले माल्या के वकील की ओर से दलील दी गई थी कि भारतीय जेलों में विजय माल्या की जान को खतरा हो सकता है। सोमवार को कोर्ट में सुनवाई के लिए पहुंचे विजय माल्या से मीडिया वालों ने बात भी की। अंग्रेजी न्यूज चैनल रिपब्लिक के एडिटर इन चीफ अरनब गोस्वामी ने भी उनसे बात करने की कोशिश की। रिपब्लिक का रिपोर्टर विजय माल्या के पास था और अरनब ने भारत में अपने न्यूज़ रूम से फोन लगाकर विजय माल्या से बात करने की कोशिश की।
अरनब गोस्वामी ने फोन किया तो रिपब्लिक के रिपोर्टर ने स्पीकर ऑन कर विजय माल्या से बात करवानी चाही। हालांकि विजय माल्या ने अरनब के फोन कॉल को इग्नोर किया। इग्नोर होता देख अरनब थोड़े उग्र हो गए और कहने लगे कि आपने दो साल पहले ट्वीट किया था कि अरनब गोस्वामी को जेल में होना चाहिए। अरनब ने कहा कि आज हिंदुस्तान की जनता आपको जेल में देखना चाहती है। आपको कैदी के कपड़ों में देखना चाहता है भारत। आपकी असली जगह आर्थर रोड जेल में है। इतना कहने के बाद भी विजय माल्या ने अरनब को कोई जवाब नहीं दिया तो वो कहने लगे कि अगर आप कायर नहीं हैं तो मेरे सवालों का जवाब दिजिए।
देखिए क्या हुआ जब अरनब गोस्वामी ने सीधे फोन कर विजय माल्या से उनकी सफाई जाननी चाही।
#RepublicVsMallya | Republic TV's Editor-in-chief Arnab Goswami confronts Vijay Mallya ahead of his extradition hearing in London https://t.co/lpnVZxoMbs pic.twitter.com/P4QrE7E8du
— Republic (@republic) December 4, 2017


