गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस ने पुराने मोबाइल फोनों के लिए एक पॉलिसी पेश की है जो किसी भी मोबाइल स्क्रीन खराब होने पर स्क्रीन के पैसे देगी। कंपनी के पास एक सॉफ्टवेयर है जिससे कंपनी आपके फोन का रिमोट एक्सेस लेकर फोन की स्थिति को चेक करेगी कि कहीं आपके फोन की स्क्रीन पहले से ही तो खराब नहीं है। वहीं सेटलमेंट और अंडरराइटिंग का काम भी ऑनलाइन ही होगा।

मोबाइल की टेस्टिंग के लिए कंपनी द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला सॉफ्टवेयर वैसा ही है जैसा की ई कॉमर्स कंपनी एक्सचेंज ऑफर के तहत लेने वाले फोन की टेस्टिंग का है। हालांकि, यह केवल स्क्रीन के काम के लिए फोन की जांच करता है। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक डिजिट इंश्योरेंस के अध्यक्ष कामेश गोयल ने कहा कि प्रॉडक्ट लॉन्च करने के पीछे का उद्देश्य युवा ग्राहकों तक पहुंचना था जो बीमा के संपर्क में नहीं हैं।

सॉफ्टवेयर मिनटों में फोन के मेक, मॉडल और IMEI नंबर का पता लगा लेगा। डिजिट ई-कॉमर्स साइटों पर नए फोन के लिए पॉलिसी पहले से ही दे रही है, लेकिन अब पुराने फोन तक भी पहुंचने का फैसला किया है। “कई ग्राहक फोन खरीदने के समय सुरक्षा के बारे में नहीं सोचते हैं। इसके अलावा, पुराने फोन के इंश्योरेंस का मार्केट बहुत बड़ा है, “कंपनी के मार्केटिंग हेड विवेक चतुर्वेदी ने कहा।

चतुर्वेदी के मुताबिक, मोबाइल फोन की स्क्रीन के लिए बीमा कवर की कीमत लगभग 1,700 रुपये होगी, जिसे बदलने के लिए 12,000 रुपये तक का खर्च आएगा। ग्राहक को स्क्रीन टूटने की स्थिति में 12,000 रुपये का नकद लाभ दिया जाएगा और वह किसी भी आउटलेट में स्क्रीन को बदलने के लिए पैसे का उपयोग कर सकता है या एक नई खरीद कर सकता है। “लोग मोबाइल फोन खरीदते हैं क्योंकि वे स्लीक और स्क्रीन रिज़ॉल्यूशन के लिए होते हैं। लेकिन उन्हें अपने फोन पर कवर और एक स्क्रीन गार्ड लगाकर समझौता करना पड़ता है। बीमा सुरक्षा के साथ, वे फोन को उसी तरह इस्तेमाल कर सकते हैं जिस तरह से इसे डिजाइन किया गया है।”