रिलायंस जियो ने अपने फ्री 4जी डेटा वाले वेलकम ऑफर से टेलिकॉम बाजार और ग्राहकों के बीच पिछले दो महीनों में काफी सुर्खियां बटौरी हैं। लेकिन जियो ग्राहकों को वॉयस कॉलिंग में आ रही दिक्कत और कॉल ड्रॉप की समस्या से जूझना पड़ रहा है। हालांकि अब रिलायंस जियो इंफोकॉम ने ग्राहकों की इस समस्या का समाधान ढूंढ लिया है। कंपनी ने अपने 4जी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 6 महीने के अंदर 45,000 मोबाइल टावर लगाने का फैसला लिया है। एक आधिकारिक सूत्र ने बताया, ‘टेलिकॉम मिनिस्टर मनोज सिन्हा के साथ मीटिंग में रिलायंस जियो ने कहा कि वह अपने नेटवर्क को मजबूत करने के लिए छह महीने में 45,000 मोबाइल टावर लगाएगा। कंपनी का कहना है कि वह अगले 4 साल में एक लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगी। नए टावर लगाने की योजना भी उस इनवेस्टमेंट का ही एक हिस्सा है।’
सूत्र के मुताबिक, रिलायंस जियो ने मंत्री को बताया कि वह पहले ही 1.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश कर देश भर में 2.82 लाख बेस स्टेशन स्थापित कर चुकी है। इसके जरिए कंपनी 18,000 से ज्यादा शहरों और 2 लाख गांवों को कवर करेगी। इस मामले में रिलायंस जियो की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक जियो ने कहा कि वह ग्राहकों को बेहतर अनुभव देने के लिए पूरे प्रयास कर रहा है। लेकिन, इंटरकनेक्टिविटी के मामले में एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया से सहयोग न मिलने के कारण कॉल कटने की दर ज्यादा हो गई है।
वीडियो मे देखिए, जियो सिम खरीदने का ये है तरीका
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गौरतलब है कि रिलायंस जियो ने आरोप लगाया था कि वोडाफोन, एयरटेल और आइडिया इंटरकनेक्टिविटी पर उसका सहयोग नहीं कर रही है, जिसपर पिछले दिनों ट्राई ने इन कंपनियों पर 3,500 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की थी। मामले पर विस्तृत चर्चा करने के लिए ट्राई ने मंगलवार को बैठक बुलाई थी, जिसमें एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया ने हिस्सा लिया था। तीनों कंपनियों ने इस मसले पर अपनी राय रखी और जुर्माने की सिफारिश का विरोध किया। इस पर ट्राई के चेयरमैन आरएस शर्मा ने कंपनियों से इस मामले को आपस निपटाने की सलाह दी।

