उमर सुल्तान अल ओलमा यूएई के सबसे युवा और दुनिया के पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मंत्री हैं। हाल ही में उन्होंने नौकरियों पर AI के असर को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) किस तरह नौकरियों, इंसानी सोच और पीढ़ियों की क्षमताओं को नए रूप में ढाल रही है। ये विचार उन्होंने दुबई में आयोजित इंडिया ग्लोबल फोरम में Zerodha के को-फाउंडर निखिल कामथ के साथ बातचीत में साझा किए।

पुरानी और मौजूदा पीढ़ियों की सोच पर विचार साझा करते हुए अल ओलामा ने 40 से 60 वर्ष की उम्र के लोगों को ‘सबसे बेहतरीन जेनरेशन’ बताया। उन्होंने कहा कि इस जेनरेशन ने इंटरनेट और आधुनिक एआई टूल्स के आने से पहले और बाद वाले दोनों दौर देखे हैं। इससे उनमें सोच का एक अनोखा संतुलन विकसित हुआ है।

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उन्होंने कहा, “पहले लोगों के पास व्यापक बुद्धिमत्ता होती थी जिसके सहारे वे रोज़मर्रा की ज़िंदगी जीते थे, अभी हमने वह कहीं खो दी है।” लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा, “शायद हम बेहतर हैं क्योंकि टेक्नोलॉजी हमारी ज़िंदगी में बाद में आई।”

उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ियों में अक्सर वह व्यावहारिक ज्ञान नहीं होता जो पहले की पीढ़ियों के पास था। अल ओलामा ने कहा, “हम उन कई चीज़ों को नहीं जानते जिन्हें हमसे एक पीढ़ी पहले के लोग जानते थे।”

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ओलमा के मुताबिक, इंटरनेट आने से पहले के दौर वाले लोगों में अपने क्षेत्र से जुड़ी प्रकृति और टेक्नोलॉजी की गहरी समझ थी। उन्होंने कहा,“जो लोग औपचारिक रूप से शिक्षित नहीं थे, वे भी अरबों डॉलर की कंपनियां खड़ी कर सकते थे।” और बताया कि पहले व्यापक और अनुभव से हासिल हुई बुद्धिमत्ता सफलता में अहम भूमिका निभाती थी।

आज के वर्कफोर्स पर AI के प्रभाव की बात करते हुए अल ओलामा ने ओवर-स्पेशलाइजेशन के खतरों को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “आज हम जिस अत्यधिक केंद्रित (hyper-focused) और स्पेशलाइज्ड दुनिया में जी रहे हैं, वह टेक्नोलॉजी की वजह से है और दुर्भाग्य से AI इस दौड़ में हमसे आगे निकल जाएगा। अगर हमें बहुत ज़्यादा विशेषज्ञ बनना है तो AI हमसे बेहतर कर सकता है।”

युवा पीढ़ी को संबोधित करते हुए उन्होंने सलाह दी, “इंटेलिजेंस के किसी एक क्षेत्र तक सीमित रहने के बजाय व्यापक बुद्धिमत्ता की ओर बढ़ें।” शेक्सपीयर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “हर काम में हाथ डालने वाला किसी एक का उस्ताद नहीं होता।” लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि जिस पंक्ति को अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है। वो है- “लेकिन कई बार वह (Jack of all trades) किसी एक के उस्ताद से बेहतर होता है।”