मेटा के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) मार्क जकरबर्ग ने हाल ही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने 28 वर्ष के कंपनी के नए एआई डिवीजन, मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब्स का हेड बनाया है। यह फैसला तब आया जब मेटा ने अलेक्जेंडर वांग की एआई कंपनी स्केल एआई में लगभग 14 बिलियन डॉलर का निवेश किया।
इस कदम से मेटा तेजी से बढ़ते एआई सेक्टर में मजबूती से मुकाबला करने का लक्ष्य बना रही है। अब अलेक्जेंडर वांग ने फोर्ब्स की ’40 अंडर 40: द रिचेस्ट सेल्फ-मेड बिलियनेयर्स’ लिस्ट में जगह बना ली है। आइए जानते हैं…
अलेक्जेंडर का शुरुआत
अलेक्जेंडर वांग का जन्म न्यू मैक्सिको में एक चीनी अप्रवासी माता-पिता के यहां हुआ। उन्हें कम उम्र से ही गणित और कंप्यूटर साइंस में गहरी दिलचस्पी थी। बाद में उन्होंने प्रतिष्ठित मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में दाखिला लिया। हालांकि, अपनी डिग्री पूरी करने के बजाय, अलेक्जेंडर वांग ने अपनी खुद की कंपनी बनाने के लिए कॉलेज जल्दी छोड़ने का फैसला किया। इस फैसले ने उनके भविष्य के करियर को आकार देने में अहम भूमिका निभाई।
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स्केल एआई की स्थापना
अलेक्जेंडर वांग सिर्फ 19 वर्ष की उम्र में स्केल एआई के को-फाउंडर बने, जो एक ऐसी कंपनी है जो सटीक डेटा देकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बेहतर बनाने में मदद करती है। एआई सिस्टम अच्छी क्वालिटी के डेटा पर बहुत ज्यादा निर्भर करते हैं और स्केल AI ने ठीक इसी जरूरत पर ध्यान केंद्रित किया। स्केल एआई की सफलता ने वांग को ग्लोबल एआई इंडस्ट्री के सबसे कम उम्र के लीडर्स में से एक बना दिया।
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मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब्स में भूमिका
अलेक्जेंडर वांग ने मेटा में शामिल होने के बाद कंपनी के AI प्रयासों को नया रूप देने की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने अलग-अलग एआई टीमों को एक साथ लाया और उन्हें एक ही स्ट्रक्चर के तहत व्यवस्थित किया। उनका मुख्य लक्ष्य ऐसे एडवांस्ड एआई सिस्टम बनाना है जो मौजूदा मॉडल्स की तुलना में ज्यादा कुशलता से सोच सकें, सीख सकें और समस्याओं को हल कर सकें।
मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब्स अब रिसर्च, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यह नया सेटअप इनोवेशन को तेज करने और मेटा को भविष्य के लिए ज्यादा स्मार्ट और शक्तिशाली एआई टूल्स विकसित करने में मदद करने के लिए डिजाइन किया गया है।
यह कदम क्यों रखता है मायने?
मेटा का वांग जैसे युवा एंटरप्रेन्योर पर भरोसा टेक दुनिया में नए आइडिया और तेज सोच कितनी जरूरी हो गई है। कंपनियां अब एआई के अगले चरण का नेतृत्व करने के लिए होड़ कर रही हैं और सही टैलेंट को हायर करना उस दौड़ का एक अहम हिस्सा है।
हालांकि, एडवांस्ड AI विकसित करने में चुनौतियां भी हैं। सुरक्षा, जिम्मेदार इस्तेमाल और असल दुनिया पर असर जैसे मुद्दों को सावधानी से संभालना होगा। अलेक्जेंडर वांग की लीडरशिप इसमें अहम भूमिका निभाएगी कि मेटा इनोवेशन और जिम्मेदारी के बीच कैसे बैलेंस बनाता है।
