गूगल ने गुरुवार को अपना नया इमेज-क्रिएशन और एडिटिंग इंजन नैनो बनाना प्रो (Nano Banana pro) लॉन्च कर दिया। गूगल का यह नया एआई टूल हाल ही में लॉन्च किए गए अपग्रेडेड Gemini आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल पेश किए जाने के कुछ दिनों बाद आया है। बता दें कि अपग्रेडेड Gemini मॉडल के बाद कंपनी का स्टॉक भी एक सप्ताह में तेजी से बढ़ा है। Gemini 3 Pro सिस्टम पर बना Nano Banana Pro के साथ कंपनी का इरादा ज्यादा सटीक और फ्लेक्सिबल विज़ुअल आउटपुट डिलीवर करने का है।
यह टूल Gemini App में पहले ही लाइव हो गया है जहां यूजर्स सीमित संख्या में फ्री इमेज जेनरेशन के साथ इसे टेस्ट कर सकते हैं। इसके साथ ही टेक दिगगज ने इसमें गूगल का राइटिंग असिस्टेंट, NotebookLM के साथ-साथ कंपनी के डिवेलपर, एंटरप्राइज व एडवरटाइजिंग प्लेटफॉर्म को इंटिग्रेट किया है। Google Search के AI मोड को AI Pro और Ultra प्लान के ग्राहकों के लिए रिजर्व रखा जा रहा है, जबकि Ultra यूजर्स को यह फीचर सबसे पहले Flow-Google की AI-पावर्ड वीडियो क्रिएशन सर्विस में दिखाई देने की उम्मीद है।
ऑनलाइन फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट से जंग! Google ने लॉन्च किए नए एंटी-स्कैम टूल और सिक्यॉरिटी फीचर्स
AI इमेज की पहचान कर सकते हैं यूजर्स
लॉन्च के साथ ही गूगल ने Gemini App में एक डिटेक्शन फीचर जोड़ दिया है जिससे यूजर्स यह जान सकते हैं कि किसी इमेज को गूगल के AI सिस्टम का इस्तेमाल कर जेनरेट किया गया है या नहीं। फ्री Nano Banana अकाउंट से बनाई गई तस्वीरों पर ऑटोमैटिकली एक वॉटरमार्क दिखाई देता है। यह निशान केवल उन्हीं यूजर्स के लिए हटेगा, जिन्होंने AI Ultra प्लान की मेंबरशिप ली है।
Nano Banana Pro का उद्देश्य आइडिया को आकर्षक विज़ुअल्स में बदलने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। यूजर्स किसी भी इमेज की डिटेल डालकर प्रॉम्प्ट दे सकते हैं और सिस्टम उसे तैयार कर देता है, या वे कोई मौजूदा फोटो अपलोड कर टारगेटेड बदलावों का अनुरोध कर सकते हैं। Google का कहना है कि नया मॉडल निर्देशों को पहले से कहीं ज्यादा स्पष्टता के साथ समझता है, Gemini 3 Pro की क्षमताओं का इस्तेमाल करता है और जरूरत पड़ने पर Google Search से रियल-टाइम जानकारी- जैसे मौसम की डिटेल या लाइव स्पोर्ट्स अपडेट भी प्राप्त कर सकता है।
इस टूल की प्रमुख खूबियों में से एक है इसकी इन-इमेज टेक्स्ट को संभालने की क्षमता। Google के अनुसार, Nano Banana Pro स्पष्ट और पढ़ने योग्य टेक्स्ट वाली इमेज बना सकता है- चाहे छोटे लेबल हों या लंबे पैरा, और यह कई भाषाओं को सपोर्ट करता है। यह क्षमता पोस्टर, प्रोजेक्ट ग्राफिक्स, सोशल मीडिया आर्ट और उन अन्य फॉर्मैट्स के बनाने में मदद के लिए डिजाइन की गई है जहां इमेज के अंदर टेक्स्ट की जरूरत होती है।
कंपनी ने सिस्टम द्वारा ऑफर किए जाने वाले क्रिएटिव कंट्रोल के बारे में जानकारी दी है। यूजर्स अब इमेज के बाकी हिस्से को एडिट किए बिना, एक सिंगल कंपोनेंट के एंगल एडजस्ट करने, लाइटिंग बदलने, फोकस और बैकग्राउंड डेप्थ बदल सकते हैं। आउटपुट अधिकतम 4K क्वालिटी तक पहुंच सकता है, जिससे यह टूल सामान्य यूजर्स और प्रोफेशनल क्रिएटर्स- दोनों के लिए ज्यादा आकर्षक बन जाता है।
Google का कहना है कि Nano Banana Pro मजबूत विज़ुअल कंसिस्टेंसी बनाए रखने में सक्षम है। यह कई तस्वीरों में चेहरों और वस्तुओं को स्थिर रखता है, 14 सोर्सेज तक को ब्लेंड कर सकता है और पांच लोगों तक की मौजूदगी को सटीक रूप से संरक्षित रखता है। यह क्षमता उन डिज़ाइनर्स के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगी जो प्रोडक्ट विज़ुअल्स, स्टाइल-मिलान वाली कलेक्शंस या रिफाइंड कॉन्सेप्ट आर्ट पर काम करते हैं।
यह टूल व्यापक रूप से Gemini ऐप की इमेज क्रिएशन क्षमता के जरिए उपलब्ध है। जहां फ्री यूजर्स को सीमित कोटा मिलता है, वहीं Google AI Plus, Pro या Ultra प्लान के सब्सक्राइबर्स को ज्यादा एक्सेस मिलता है। इसके अलावा, यह अमेरिका में Pro और Ultra ग्राहकों के लिए Google Search के AI Mode में भी उपलब्ध है और विश्वभर के सब्सक्राइबर्स के लिए NotebookLM के जरिए भी ऑफर किया जाता है।
