देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अक्टूबर से 5G Services लॉन्च कर दीं। भारत सरकार देश में 5G Services रोल आउट करने के लिए स्मार्टफोन में जरूरी सॉफ्टवेयर अपडेट देने पर जोर दे रही है। सॉफ्टवेयर अपडेट के दवाब के बीच, ऐप्पल ने 12 अक्टूबर को कहा कि देश में यूजर्स को दिसंबर में जरूरी सॉफ्टवेयर अपडेट रोल आउट किया जाएगा।

बता दें कि शीर्ष सरकारी अधिकारी भारतीय बाजार के लिए 5G अपडेट को प्राथमिकता देने के लिए Apple, Samsung और अन्य स्मार्टफोन निर्माताओं से मिलने वाले थे।

ऐप्पल ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा, ‘ नेटवर्क वैलिडेशन और क्वॉलिटी के लिए टेस्टिंग व परफॉर्मेंस जैसे ही पूरा होता है, हम भारत में जल्द से जल्द आईफोन यूजर्स को बेस्ट 5G एक्सपीरियंस देने के लिए अपने कैरियर पार्टनर के साथ काम कर रहे हैं। देश में एक सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए 5G इनेबल हो जाएगा और दिसंबर से आईफोन यूजर्स के लिए यह अपडेट रोल आउट होना शुरू होगा।’

5G सर्विस को अपने डिवाइस पर टेस्ट कर ही है ऐप्पल

ऐप्पल को आमतौर पर बेहतर यूजर एक्सपीरियंस देने के लिए जानाता है और शायद यही वजह है कि देश में 5G सर्विस को अपनी डिवाइस में टेस्टिंग के लिए कंपनी समय ले रही है। ऐप्पल जानना चाहती है कि आईफोन में 5G किस तरह काम करता है। फिलहाल, क्यूपर्टिनो की कंपनी के पास iPhon 12, iPhone 13 और iPhone 14 Series के अलावा iPhone SE (3rd Gen) डिवाइस हैं जो 5G सपोर्ट करते हैं। इन डिवाइस में दिसंबर में सॉफ्टवेयर अपडेट रोल आउट किया जाएगा।

बता दें कि देश में Reliance Jio-Airtel ने 5G सर्विस के लॉन्च का ऐलान कर दिया है। लेकिन स्मार्टफोन कंपनियों को अभी देश में उपलब्ध बैंड्स के हिसाब से देखना होगा कि उनकी डिवाइस कैसा परफॉर्म कर रही हैं। निर्माताओं को बग चेक करना होगा और अपने सॉफ्टवेयर अपडेट में इन्हें फिक्स करने की जरूरत होगी ताकि यूजर एक्सपीरियंस प्रभावित ना हो।

indianexpress.com के साथ बातचीत में पिछले हफ्ते एयरटेल के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर रणदीप ने कहा था कि ऐप्पल अभी देश में 5G टेस्टिंग कर रही है और नेटवर्क ने ‘टेस्ट करने के लिए स्पेशल नेटवर्क सेटअप किया है।’ उन्होंने कहा था कि अधिकतर हैंडसेट निर्माताओं की डिवाइस पहले से 5G सर्विस सपोर्ट कर रही हैं।