कुछ महीने पहले भारतीय टेलिकॉम कंपनियों ने अपने ग्राहकों को फ्री AI सब्सक्रिप्शन ऑफर देना शुरू किया था। जियो, एयरटेल और वोडाफोन आइडिया Perplexity, ChatGPT, Google Gemini जैसे एआई चैटबॉट की प्रो मेंबरशिप बिना किसी अतिरिक्त पैसे अपने यूजर्स को ऑफर कर रही थीं। अब हजारों भारतीय यूजर्स के लिए अचानक एक नई समस्या पैदा हो गई है। भारती एयरटेल के सब्सक्राइबर्स का फ्री पर्प्लेक्सिटी प्रो प्लान रुक गया है। जी हां, यूजर्स को इस बात की हैरानी हो रही है कि कुछ महीने पहले फ्री बोलकर ऑफर किया गया यह प्रीमियम एक्सेस अब वापस ले लिया गया है।
बता दें कि एयरटेल ने जोरशोर से ग्राहकों को 17000 रुपये की कीमत वाली Perplexity Pro मेंबरशिप पूरे एक साल के लिए फ्री देने का वादा किया था। लेकिन अब अचानक इस सब्सक्रिप्शन को वापस लेने की कोई वजह बहुत चौंकाने वाली है। एयरटेल ने पहले से दी गई किसी जानकारी के बिन एक नई शर्त ग्राहकों पर थोप दी है। टेलिकॉम कंपनी के मुताबिक, ‘फ्री’ ट्रायल जारी रखने के लिए क्रेडिट कार्ड लिंक करना अनिवार्य है।
बिना किसी शर्त के एयरटेल ने दिया था Perplexity Pro
आपको बता दें कि करीब 6 महीने पहले Perplexity और एयरटेल की पार्टनरशिप हुई थी। जिसके बाद एक एयरटेल ने ऐलान किया था सभी यूज़र्स-चाहे प्रीपेड हों या पोस्टपेड, उन्हें एआई सर्विस Perplexity Pro का पेड वर्ज़न पूरे एक साल तक बिल्कुल मुफ्त मिलेगा। इस ऑफर में साफतौर पर जिक्र था कि इसके लिए किसी कार्ड की जरूरत नहीं है और न ही कोई शर्त लागू होगी। यूज़र्स बस Airtel Thanks ऐप के जरिए इसे एक्टिवेट करें और तुरंत इस्तेमाल शुरू कर सकते हैं।
एयरटेल ने अचानक बदल दीं ऑफर की शर्तें
लेकिन जैसा कि हमने बताया कि 6 महीने बाद अब एयरटेल ने इस ऑफर की शर्तें बदल दी हैं। सवाल यह है कि देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनियों में से एक एयरटेल इस नई शर्त के साथ क्या अपने ग्राहकों के भरोसे को कम नहीं कर रही?
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एयरटेल के ऑफर के तहत Perplexity Pro सब्सक्रिप्शन को एक्टिव करने वाले यूजर्स से अब सर्विस जारी रखने के लिए क्रेडिट या डेबिट कार्ड डिटेल्स जोड़ने को कहा जा रहा है। जबकि वे अभी भी 12-महीने के फ्री सब्सक्रिप्शन ड्यूरेशन के अंदर हैं जिसका वादा एयरटेल ने किया था।
इस बदलाव ने उन यूजर्स को चौंका दिया है जिन्होंने यह समझकर साइन-अप किया था कि उन्हें पूरे एक साल तक बिना किसी शुल्क के प्रीमियम एक्सेस मिलेगा। Perplexity Pro की कीमत $17 प्रति माह या $167 सालाना (लगभग 15,000 रुपये) है।
जहां एयरटेल ऐप अब भी ऑफर की मूल शर्तें दिखा रहा है और कहीं भी कार्ड जोड़ने की अनिवार्यता का ज़िक्र नहीं है। वहीं Perplexity ने चुपचाप अपने Pro सब्सक्रिप्शन के लिए ग्लोबल ऑनबोर्डिंग प्रोसेस में बदलाव कर दिया है। कुछ यूजर्स को ई-मेल जरूर मिला है लेकिन दोनों में से किसी भी कंपनी की ओर से अब तक कोई स्पष्ट सार्वजनिक बयान नहीं आया है।
Perplexity ने यूजर्स को भेजे गए एक ई-मेल में कहा, “हम वैध यूजर्स के लिए Perplexity Pro ट्रायल प्रोग्राम को सुरक्षित रखने के मकसद से इसमें बदलाव कर रहे हैं। अपना ट्रायल जारी रखने के लिए आपको एक वैलिड पेमेंट मीडियम जोड़ना होगा। आपका ट्रायल ऑफर समाप्त होने के बाद ही आपके कार्ड से शुल्क लिया जाएगा। और अगर आपने सब्सक्रिप्शन खत्म होने की तारीख से पहले कैंसिल नहीं किया गया तो आपकी मेंबरशिप अपने आप रिन्यू हो जाएगी।”

सोशल मीडिया पर यूजर्स की शिकायतें
पिछले एक हफ्ते में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और टेक फ़ोरम्स पर उन यूजर्स की शिकायतों की बाढ़ आ गई है जिनके Pro डैशबोर्ड अचानक बेसिक फ्री टियर में वापस चले गए। जब उन्होंने वजह जानने की कोशिश की तो एक मैसेज आया कि Pro फीचर्स दोबारा पाने के लिए एक वैलिड पेमेंट मीडियम जोड़ें।
AI के लिए दुनिया के सबसे अहम बाजारों में से एक भारत
पिछले एक साल में भारत AI के लिए दुनिया के सबसे प्रतिस्पर्धी बाजार में से एक बन गया है। एयरटेल ने जब Perplexity Pro का सब्सक्रिप्शन ऑफर किया तो रिलायंस जियो ने 18 महीने के लिए अपने ग्राहकों को Google Gemini Pro सब्सक्रिप्शन फ्री देना शुरू कर दिया। इसके बाद OpenAI ने भारतीय यूजर्स को एक साल के लिए किफायती ChatGPT Go सब्सक्रिप्शन लॉन्च किया।
भारत में कार्ड को लेकर समस्या
यह मामला भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की एक कड़वी सच्चाई को भी उजागर करता है। लगातार बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों के चलते उपभोक्ता अब अपनी कार्ड डिटेल्स शेयर करने को लेकर सतर्क रहते हैं- खासकर उन सर्विसेज के लिए जिन्हें वे समय पर कैंसिल करना भूल जाते हैं।
