दुनिया में विशालकाय पक्षियों की कमी है, लेकिन आज भी कई ऐसे हैं जो अपना वजूद बचाने में कामयाब रहे हैं। इनमें से एक है-केसोवेरी, जोे औसतन छह फुट लंबा और तकरीबन साठ किलोग्राम का होता है। इनकी गिनती शुतुरमुर्ग और एमु के बाद तीसरे सबसे बड़े पक्षी के रूप में की जाती है। यह आॅस्ट्रेलिया महाद्वीप और पापुआ न्यू गिनी के उष्णकटिबंधीय वर्षा वनों में पाए जाता है। इन्हें गोंडवानालैंड और लॉरेसिया में पाए जाने वाले रेटाइट्स बर्ड परिवार से भी जोड़ा जाता है।

शारीरिक संरचना के आधार पर केसोवेरी को गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रिकार्ड में ‘धरती का सबसे भयानक पक्षी’ का दर्जा दिया गया है। पापुआ में ‘केसोवेरी’ का मतलब है- ‘सींग सिर’। केसोवेरी के सिर पर भूरे रंग की कठोर लेकिन लचकदार त्वचा से बना सींग उसे एक अलग पहचान देता है। इसे शिरस्त्राण कहा जाता है जो हेलमेटनुमा होता है। यह सींग न केवल उनके सिर की रक्षा करता है, बल्कि दूसरों पर आक्रमण करने के काम भी आता है। यह भी सच है कि हेलमेटनुमा यह रक्षात्मक कवच दुनिया भर के किसी और पक्षी के सिर पर नहीं है।

यह विशालकाय केसोवेरी पक्षी कभी उड़ा करता थ। समय गुजरने के साथ-साथ वे जमीन पर रहने लगे, जिससे उनका शरीर स्थूल होता गया और वे मोटे और भारी होते गए। उड़ान भरने वाले उनके पंख धीरे-धीरे बेकार होते गए और छोटे पंखनुमा बालों में बदल गए। फिर भी यह काफी खूबसूरत और रंग-बिरंगा होता है। इनका शरीर गोलाकार और गर्दन लंबी होती है। इनका मुंह, गर्दन और सिर चमकीले नीले बालों से सजा होता है। पूरा शरीर काले रंग के पंखनुमा बालों से ढका होता है। सिर पर पैबंद की तरह मौजूद सफेद बाल और गर्दन के चारों ओर एक घेरे की तरह चमकते लाल रंग के बाल उसकी खूबसूरती बढ़ाते हैं। गर्दन के आगे से करीब एक हाथ लंबी लाल रंग की त्वचा लटकी रहती हैं जो कान की बालियों की तरह लगती है। यह भूरे रंग की मोटी और पैनी चोंच के नीचे से शुरू होती है।

केसोवेरी पक्षी भले ही आज उड़ नहीं पाते, लेकिन अपने बड़े और मजबूत पैरों की बदौलत दूसरे पक्षियोें से अलग हैं। पैर के पंजे में मोटी-मोटी तीन उंगलियां होती हैं जिनमें चाकू की तरह तेज धार वाले और कील की तरह मजबूत करीब पांच इंच लंबे नाखून होते हैं। अपने मजबूत पैरों से वे पचास किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ सकते हैं और पांच फुट की ऊंचाई तक कूद सकते हैं और जोरदार किक से अपने प्रतिद्वंद्वी को आसानी से घायल कर सकते हंै। छुरे जैसे अपने पंजो से वे अपने प्रतिद्वंद्वी को आसानी से अपंग कर डालते हैं बल्कि उन्हें चीर डालते हैं। यही नहीं, वे पानी में आसानी से तैर भी सकते हैं। स्वभाव से केसोवेरी शर्मीले पक्षी हैं। लेकिन अगर कोई उन्हें परेशान करता है तो वे उनसे बदला लेने से नहीं चूकते। मादा केसोवेरी की भूमिका अहम होती है। कद-काठी के हिसाब से मादा पुरुषों से आगे होती है। वह अधिक बड़ी, लंबे हेलमेट वाली, अधिक चमकीले रंग की ही नहीं होती, बल्कि अधिक शक्तिशाली और आक्रामक भी होती है।