Yogini Ekadashi 2025: आज आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के साथ शनिवार का दिन है। आज के दिन योगिनी एकादशी का व्रत रखा जा रहा है। आज भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करने के साथ व्रत रखने का विधान है। इसे 24 एकादशियों में से काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। पद्म पुराण के अनुसार, योगिनी एकादशी का व्रत रखने से मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है। हर तरह के पापों से मुक्ति मिलने के साथ-साथ कई गुना अधिक पुण्यों की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही आज के दिन मां लक्ष्मी के साथ-साथ तुलसी के पौधे की पूजा करने से धन-संपदा की प्राप्ति होती है और दरिद्रता से निजात मिल जाती है। आइए जानते हैं आज का व्रत, पंचांग, राहुकाल सहित अन्य जानकारी…
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ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे।
भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥
जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का।
सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय...॥
मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी।
तुम बिनु और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय...॥
तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी॥
पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय...॥
तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय...॥
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय...॥
दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय...॥
विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय...॥
तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ है तेरा।
तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा॥ ॐ जय...॥
जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय...॥
