व्यक्ति जीवन में खुशियों को पाने की चाह रखता है, लेकिन मेहनत के बाद भी उसके जीवन से परेशानियां खत्म नहीं होती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्यक्ति को कर्म के साथ धर्म भी करने की आवश्यकता होती है, जिससे उसके जीवन में आने वाली परेशानियों को समाप्त किया जा सके। शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि जो व्यक्ति अपने घर में इन 5 चीजों का पालन करता है उसे दुखों से मुक्ति मिल सकती है।

कुलदेवता का पूजन और श्राद्ध- जिस घर में पितृों और कुल देवता का सम्मान किया जाता है वहां के लोग हमेशा प्रसन्न रहते हैं। कुल देवता या देवी का अर्थ होता है कि कुल के देवता या देवी। मान्यता के अनुसार हर कुल का एक आराध्य होता है। जिनकी अराधना से पूरे कुल पर आशीर्वाद बना रहता है। पुण्य तिथि के अनुसार पितृों का तर्पण करने से घर और परिवार पर किसी तरह की समस्या नहीं आती है।

गंदगी को घर से दूर रखना- भगवान को बिना चखे हुए खाना अर्पित करना चाहिए उसके बाद ही घर के सदस्यों को भोजन ग्रहण करना चाहिए। इस तरह करने से भगवान उस घर पर विशेष कृपा बनाए रखते हैं। इसी के साथ जिस घर में गंदगी होती है भगवान वहां वास नहीं करते हैं। माना जाता है साफ और सुंदर जगह पर माता लक्ष्मी वास करती हैं।

अन्नदान- हिंदू धर्म में अन्नदान को महत्वपूर्ण बताया गया है। जरुरतमंद और भूखे को अनाज का दान धार्मिक रुप से पुण्य देना वाला माना जाता है। दान करने से एक नहीं सात पीढ़ियों का कल्याण माना जाता है। गरीबों को भोजन दान करने से परिवार के सभी संकट नाश हो जाते हैं।

वेदों और ग्रंथों का अध्ययन- जिस घर में विधि विधान के साथ वेदों और धार्मिक ग्रंथो का पाठ किया जाता है। वहां किसी तरह की परेशानी नहीं आती है और धन-धान्य से भंडार भरे रहते हैं।

पवित्र विवाह- विवाह को शास्त्रों का सबसे महत्वपूर्ण संस्कार माना जाता है। ये 16 संस्कारों में से पुरुषार्थ प्राप्ति का सबसे अहम संस्कार माना जाता है। विवाह दो परिवारों के सुख का जरिया होता है। उचित विवाह होने पर स्वस्थ और संस्कारी संतान की प्राप्ति होती है।