Ganesh Rudraksh: रुद्राक्ष को सामान्य रूप से भगवान शिव का अंश माना जाता है। मान्यता है कि उन्हीं के आंसुओं से रुद्राक्ष की उत्पत्ति हुई है। विभिन्न प्रकार के रुद्राक्ष का प्रभाव अलग-अलग पड़ता है इसलिए ज्योतिषाचार्य के कहने पर ही इसे धारण किया जाता है। इन्हीं रुद्राक्षों में से एक है गणेश रुद्राक्ष। इस रुद्राक्ष पर भगवान गणेश की आकृति नजर आती है। इसे आसानी से पहचाना जा सकता है। यह बाजारों में भी आसानी से उपलब्ध हो जाता है। कहते हैं कि गणेश रुद्राक्ष को धारण करने के अनेकों फायदे हैं। गणेशोत्सव के दौरान गणेश रुद्राक्ष धारण करने से ये और अधिक फलदायी साबित होता है।
गणेश रुद्राक्ष को सही विधि से पहनने से बुध ग्रह मजबूत होता है। जिस की कुंडली में बुध मजबूत होता है वह बहुत बुद्धिमान और ज्ञानी होता है। इसलिए गणेश रुद्राक्ष को धारण किया जाना चाहिए।
यह रुद्राक्ष पहनने से याददाश्त बढ़ती है। जिन विद्यार्थियों का पढ़ाई में मन नहीं लगता है उनके लिए गणेश रुद्राक्ष बहुत उपयोगी साबित होता है। इसे पहनने से याददाश्त मजबूत होती है। फिर विद्यार्थी कुछ भी पढ़ा हुआ लंबे समय तक याद रख पाते हैं।
जिन लोगों की राशि के स्वामी बुध ग्रह हैं उन्हें गणेश रुद्राक्ष जरूर पहनना चाहिए। इसे धारण करने से कुण्डली में नीचे स्थित बुध भी उच्च स्थिति में आ जाता है। इससे बुध देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
गणेश रुद्राक्ष धारण करने से गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है। ऐसा माना जाता है कि गणेश रुद्राक्ष के जरिए भगवान गणेश उस व्यक्ति के साथ रहते हैं जिस व्यक्ति के शरीर पर गणेश रुद्राक्ष होता है। भगवान गणेश स्वयं उसकी रक्षा करते हैं।
जिन लोगों को मानसिक तनाव रहता है उन्हें ये रुद्राक्ष जरूर पहनना चाहिए। मान्यता है कि गणेश रुद्राक्ष पहनने से मानसिक तनाव कम होता है। जिन लोगों को डिप्रेशन रहता है उन्हें अवश्य ही ज्योतिषाचार्यों से परामर्श लेकर इसे धारण करना चाहिए।
जो लोग शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं उन्हें गणेश रुद्राक्ष पहनना चाहिए। गणेश रुद्राक्ष पहनने से व्यक्ति उच्च शिक्षा प्राप्त करता है। ऐसे व्यक्ति को लोग उसकी उच्च शिक्षा के लिए ही जानते हैं। यह शिक्षा के लिए बहुत कारगर है।
