Sanskrit Diwas 2020: हर साल सावन पूर्णिमा के दिन संस्कृत दिवस मनाया जाता है। इस साल संस्कृत दिवस 3 अगस्त 2020 यानी सोमवार को मनाया जाएगा। संस्कृत दिवस संस्कृत भाषा के प्राचीनतम भाषा होने की वजह से मनाया जाता है। सौंदर्य और रसों से भरी इस भाषा को सम्मान देने के लिए यह दिवस मनाते हैं। देव भाषा संस्कृत लगभग सभी वेद – पुराणों की भाषा है। इसलिए इस भाषा के प्रति लोग पूजनीय भाव रखते हैं।
सावन पूर्णिमा के दिन मनाया जाने वाला संस्कृत दिवस अपने आप में अनूठा है। क्योकि इस प्रकार किसी अन्य प्राचीन भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर नहीं मनाया जाता है। इस दिन ऋषियो-मुनियों को याद किया जाता है। साथ ही उनका पूजन भी किया जाता है। मानते हैं कि संस्कृत साहित्य के मुख्य स्रोत यह ऋषि ही हैं। इसी मूल भाषा के कई अन्य भाषाओं का जन्म हुआ है।
संस्कृत दिवस का उद्देश्य (Sanskrit Diwas Purpose): देव भाषा का दर्जा रखने वाली संस्कृत भाषा अब अपना वजूद खोती जा रही है। भारत में भी अब इसको पढ़ने, लिखने और समझने वालों की संख्या बहुत कम है। समाज को संस्कृत की महत्ता और आवश्यकता याद दिलाने के लिए संस्कृत दिवस मनाया जाता है। ताकि समय के आगे बढ़ने के साथ लोग यह भूल न जाएं कि संस्कृत भी एक भाषा है। आजकल लोग विदेशी भाषाओं को सीखने में रूचि रखते हैं। लेकिन स्वयं अपने देश की भाषा से अंजान हैं।
संस्कृत दिवस का महत्व (Sanskrit Diwas Importance): संस्कृत केवल एक भाषा नहीं बल्कि एक संस्कृत्ति है जिसे संजोने की जरुरत है। इसलिए यह बहुत जरुरी है कि साल में एक दिन हर भारतीय को यह याद दिलाया जाए कि उसके अपने देश की भाषा कहीं पीछे छूटती जा रही है। संस्कृत के लोग इसलिए भी कम समझते हैं क्योंकि इसे लोगों ने भारत में अंग्रेजी भाषा जैसा स्थान नहीं दिया है। उन्हें लगता है यह बोलते हुए कोई उन्हें इतना शिक्षित नहीं समझेगा जितना अंग्रेजी बोलते में उन्हें समझदार समझा जाएगा। इसलिए आज के समय में संस्कृत दिवस का महत्व बहुत अधिक है। ताकि संस्कृत अपनी खोई हुई पहचान को फिर से पा सके।

