हिन्दू धर्म ग्रन्थों में गाय को पूजनीय माना गया है। क्योंकि धार्मिक मान्यता है कि गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। वहीं गो-सेवा को भी बहुत ही पवित्र माना गया है। कहते हैं राजा दिलीप को गाय की सेवा के द्वारा ही संतान की प्राप्ति हुई थी। आज भी बहुत से लोग ऐसे हैं जो नियमित रूप से गाय को रोटी खिलाते हैं। लेकिन, क्या आपको पता है कि गाय को रोटी खिलाने का इतना अधिक महत्व क्यों है? साथ ही हिन्दू धर्म में गाय को रोटी खिलाने के क्या लाभ हैं? यदि नहीं तो आगे हम इसके धार्मिक महत्व को जानते हैं।
शास्त्रों के अनुसार गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास है। जब बात गाय को रोटी खिलाने की आती है तो अगर रोज 33 करोड़ देवी-देवताओं को भोग लगाया जाए तो इससे बड़ा पुण्य लाभ और क्या हो सकता है। इसलिए ऐसा कहा भी जाता है कि केवल एक गाय की सेवा करने से 33 करोड़ देवी-देवताओं की सेवा होती है और इसका पुण्य मिलता है। कहते हैं कि जिस घर में गाय को रोटी खिलाई या सेवा की जाती है उनकी तो पीढ़ियां ही तर जाती है।
यानि इतना अधिक पुण्य मिलता है कि उस कुल में जन्म लेने वाली पीढ़ियां संसार के सभी सुख भोगती हैं। वहीं माना यह भी जाता है कि यदि कोई गाय को रोटी के साथ गुड़ भी खिलाया जाए तो बड़ा पुण्य लाभ मिलता है। लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि गाय को गुड़ तभी खिलाएं जब यह बैठी हो। वहीं वीरवार को जब भी गाय को रोटी खिलाएं तो उसमें थोड़ी सी हल्दी मिलाना चाहिए। क्योंकि मान्यता है कि इस तरीके से रोटी खिलाने पर बहुत ही पुण्य लाभ होता है। साथ ही मनुष्य के जीवन की लौकिक और अलौकिक दोनों ही फलों की प्राप्ति हो जाती है।
