Marriage/Vivah Muhurat 2020-2021: इस साल शादी के मुहूर्त वैसे ही कम थे और कोरोनावायरस लॉकडाउन के चलते कई लोगों की शादियां टल भी गईं। जिस कारण अब बेहद ही कम मुहूर्त बचे हैं शादी ब्याह जैसे शुभ कार्यों के लिए। 30 जून से देवशयन हो जाएगा। जिस दौरान भगवान विष्णु क्षीर सागर में अपनी योग निद्रा में चले जाते हैं और फिर करीब 5 महीनों बाद वह पुन: जागृत होकर सृष्टि का कार्यभार संभालते हैं। 27 नवंबर से फिर से लग्न शुरू हो जाएंगे। देखिए साल 2020 के शादी के बचे हुए शुभ मुहूर्त…

मई में मुहूर्त 2020 (Wedding/Marriage Dates In May 2020):
5 मई      मंगल   वैशाख शु. त्रयोदशी    हस्त
6 मई      बुध     वैशाख शु. चतुर्दशी     चित्रा चित्रा
15 मई    शुक्र    ज्येष्ठ कृ. अष्टमी      धनिष्ठा
17 मई    रवि     ज्येष्ठ कृ. दशमी        उ.भाद्रपद
18 मई    सोम    ज्येष्ठ कृ. एकादशी     उ.भाद्रपद रेवती
19 मई    मंगल   ज्येष्ठ कृ. द्वादशी       रेवती
23 मई    शनि    ज्येष्ठ शु. प्रतिपदा      रोहिणी

विवाह मुहूर्त जून 2020 (Wedding/Marriage Dates In June 2020):
तारीख़     दिन     तिथि              नक्षत्र
11 जून    गुरु    आषाढ़ कृ. षष्ठी      धनिष्ठा
15 जून    सोम   आषाढ़ कृ. दशमी     रेवती
17 जून    बुध    आषाढ़ कृ. एकादशी  अश्विनी
27 जून    शनि   आषाढ़ शु. सप्तमी    उ.फाल्गुनी
29 जून    सोम   आषाढ़ शु. नवमी      चित्रा
30 जून    मंगल  आषाढ़ शु. दशमी      चित्रा

विवाह मुहूर्त नवंबर 2020 (Wedding/Marriage Dates In November):
तारीख़       दिन     तिथि              नक्षत्र
27 नवंबर    शुक्र    कार्तिक शु. द्वादशी   अश्विनी
29 नवंबर    रवि     कार्तिक शु. चतुर्दशी  रोहिणी
30 नवंबर    सोम    कार्तिक पूर्णिमा        रोहिणी

विवाह मुहूर्त दिसंबर 2020 (Wedding/Marriage Dates In December): 
तारीख़       दिन     तिथि              नक्षत्र
1 दिसंबर    मंगल   मार्गशीर्ष कृ. प्रतिपदा   रोहिणी
7 दिसंबर    सोम    मार्गशीर्ष कृ. सप्तमी    मघा
9 दिसंबर    बुध     मार्गशीर्ष कृ. नवमी      हस्त
10 दिसंबर  गुरु     मार्गशीर्ष कृ. दशमी     चित्रा
11 दिसंबर  शुक्र    मार्गशीर्ष कृ. एकादशी  चित्रा

2021 में विवाह मुहूर्त (Wedding/Marriage Dates In 2021): 
जनवरी – 18
फरवरी- 15, 16 (रात्रि में विवाह मुहूर्त नहीं है)
मार्च- विवाह मुहूर्त नहीं है
अप्रैल- 22, 24, 25, 26, 27, 28, 29, 30
मई- 1, 2, 7, 8, 9, 13, 14, 21, 22, 23, 24, 26, 28, 29, 30
जून- 3, 4, 5, 20, 22, 23, 24
जुलाई- 1, 2, 7, 13, 15
नवंबर- 15, 16, 20, 21, 28, 29, 30
दिसंबर- 1, 2, 6, 7, 11, 13

विवाह मुहूर्त निकालने का तरीका? हिंदू धर्म में विवाह से पूर्व सबसे पहले वर और कन्या की कुंडलियों में 36 गुणों का मिलान किया जाता है। जिनमें से वर और कन्या के कम से कम 18 गुण मिलने जरूरी होते हैं। इन गुणों के मिलने के बाद ही शादी की तारीख निकाली जाती है। इसके बाद वर-वधु की जन्म राशि के आधार पर ही विवाह संस्कार के लिए निश्चित तिथि, वार, नक्षत्र तथा समय को निकाला जाता है। फिर दोनों की कुंडली में विवाह के लिए एक समान तिथि को विवाह मुहूर्त के लिए लिया जाता है।