Vivah Panchami 2024 Vrat Katha: हिंदू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी का पर्व मनाया जाता है। मान्यता है कि आज के दिन प्रभु श्री राम और माता सीता का शुभ विवाह हुआ था। इसी के कारण आज के दिन अयोध्या सहित देश के अन्य मंदिरों में धूमधाम से विवाह किया जाएगा। आज के दिन माता जानकी और श्री राम की विधिवत पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है और सुख-समृद्धि बनी रहती हैं। इसके साथ ही पूजा पाठ-पाठ करने के बाद इस व्रत कथा का पाठ अवश्य करना चाहिए। इससे प्रभु श्री राम के साथ-साथ मां सीता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए जानते हैं विवाह पंचमी का शुभ मुहूर्त और व्रत कथा…
विवाह पंचमी 2024 मुहूर्त (Vivah Panchami 2024 Shubh Muhurat)
विवाह पंचमी पूजन के शुभ चौघड़िया मुहूर्त-
लाभ – उन्नति: 08:18 ए एम से 09:36 ए एम
अमृत – सर्वोत्तम: 09:36 ए एम से 10:53 ए एम
शुभ – उत्तम: 12:11 पी एम से 01:29 पी एम
लाभ – उन्नति: 08:48 पी एम से 10:30 पी एम
विवाह पंचमी व्रत कथा (Vivah Panchami 2024 Vrat Katha)
पौराणिक धार्मिक ग्रंथ श्रीरामचरितमानस के अनुसार,श्री राम-सीता का स्वयंवर मार्गशीर्ष माह की शुक्ल पंचमी के दिन हुआ था। महाराजा जनक ने सीता के विवाह के लिए स्वयंवर आयोजित किया था। माता सीता के स्वयंवर के लिए लंका पति रावण सहित कई महान ताकतवर महाराजाओं ने भाग लिया था। इस स्वयंवर में प्रभु श्री राम छोटे भाई लक्ष्मण भी अपने गुरु वशिष्ठ के साथ पहुंचे। लेकिन कोई भी महाराजा जनक की शर्तें पूरी करने में कामयाब नहीं हुआ था। उन्होंने शर्त रखी थी कि जो भी भगवान शिव के इस धनुष की कमान चढ़ाकर इसे तोड़ देगा। उसी के साथ अपनी बेटी सीता का विवाह कर देंगे। ये वो धनुष था जिसे शिव भक्त परशुराम के अलावा कोई नहीं उठा सकता था। ऐसे में हर महाराजा ने कोशिश की, लेकिन धनुष को जरा सा भी नहीं हिला पाएं।
राजा जनक हताश हो गए और उन्होंने कहा कि ‘क्या कोई भी मेरी पुत्री के योग्य नहीं है?’ तब महर्षि वशिष्ठ ने भगवान राम को शिव जी के धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाने को कहा। अपने गुरु की आज्ञा का पालन करते हुए भगवान राम शिव जी के धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाने लगे और धनुष टूट गया।
इस प्रकार सीता जी का विवाह राम से हुआ। तीनों लोकों में इस बात का यश फैल गया कि राम ने भगवान शिव का धनुष तोड़ दिया है और इसी कारण इस दिन को प्रतिवर्ष मार्गशीर्ष माह की शुक्ल पंचमी को मनाया जाता है। श्री राम सीता का जीवन प्रेम, आदर्श, समर्पण और मूल्यों को प्रदर्शित करता है।
नए साल 2025 में कई ग्रहों की स्थिति में बदलाव होगा, जिसका असर देश-दुनिया में देखने को मिलने वाला है। ऐसे ही कर्मफलदाता शनि मार्च माह में मीन राशि में प्रवेश करने वाले हैं, जिससे कुछ राशि के जातकों की कुंडली में चांदी के पाये के साथ प्रवेश करेंगे। ऐसे में इन राशियों को नौकरी-बिजनेस में अपार सफलता के साथ-साथ खूब धन लाभ हो सकता है। जानें इन राशियों के बारे में
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