विनायक चतुर्थी पर भगवान गणेश की उपासना का विधान है। घर में सुख, समृद्धि और शांति के लिए हर माह शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणपति की पूजा की जाती है। वैशाख मास की गणेश चतुर्थी 8 मई, वैशाख शुक्ल चतुर्थी को पड़ने वाली है। मान्यता है कि इस दिन विघ्नहर्ता गणेशजी की पूजा करने से सभी संकट दूर हो जाते हैं। शास्त्रों में धन प्राप्ति के लिए भगवान गणेश की विशेष प्रकार की पूजा का विधान बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि इस प्रकार से विघ्नहर्ता गणेश जी की पूजा करने से व्यक्ति धन का लाभ प्राप्त करने के साथ-साथ समस्त संकटों से मुक्ति पा लेता है। आगे जानते हैं विनायक चतुर्थी का शुभ मुहूर्त और पूजा-विधि।
पूजा-विधि: विनायक चतुर्थी के दिन सबसे पहले शुभ मुहूर्त में गणेश जी की मिट्टी की प्रतिमा ले आएं। भगवान गणेश की पूजा के समय उन्हें लाल सिंदूर का तिलक लगाएं। इसके बाद भगवान विनायक को पाले वस्त्र अर्पित कर स्थापित करें। लाल सिंदूर से भगवान गणेश के दोनों तरफ स्वास्तिक बनाएं। दो-दो खड़ी रेखाओं से दोनों तरफ से घेर दें। फिर दोनों तरफ रिद्धि-सिद्धि लिख दें। उनके दोनों पुत्रों, शुभ और लाभ लिख दें।
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लाल फूल चढ़ाएं, पीले फूल की माला अर्पित करें। 21 लड्डू का भोग लगाएं। पान-सुपारी, लौंग चढाएं। घी का दीपकजलाएं ॐ गणेशाय नमः का कम से कम 108 बार जाप करें। गणेश जी के साथ लक्ष्मी जी की भी पूजा करें गणेश जी और लक्ष्मी जी को गुलाब का फूल चढ़ाएं। पान सुपारी, पीली मिटटी, हल्दी की गांठ भगवान विनायक को अर्पित करें। घी के दीपक और गूगल, धुप से आरती कर ज्योत पूरे घर में घुमाएं।
शुभ पूजा मुहूर्त
- हिन्दु पंचांग के अनुसार विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा दोपहर को मध्याह्न काल के दौरान की जाती है।
- तिथि: वैशाख शुक्ल चतुर्थी
- दिन: बुधवार
- तारीख: 08 मई 2019
- गणेश पूजन का मुहूर्त- सुबह 10:57 से 13:37 बजे तक

