आचार्य चाणक्य के विचार आज भी जीवंत है। चाणक्य ने व्यक्तिगत जीवन से संबंधित सभी पहलुओं पर अपने विचार रहे हैं। इनके इन विचारों को अपनाकर कोई भी व्यक्ति जीवन को बेहतर बना सकता है। आचार्य चाणक्य ने नीतिशास्त्र में यह बताया है कि मनुष्य को अपने किन सात चीजों पर भरोसा करना चाहिए। चाणक्य नीति में ऐसे सात लोगों के बारे में बताया गया है जिन पर यदि हम भरोसा न रखें या जिनके कम पर शंका करें तो हमें सकारात्मक फल कभी नहीं मिलता है। चाणक्य नीति के अनुसार जो व्यक्ति इन सात चीजों पर भरोसा रखता है, वह अपने जीवन में कभी असफाल नहीं होता है। आगे हम आपको बता रहे हैं कि आखिर वो सात चीजें कौन-कौन सी हैं।
देवता: लोगों में देवी और देवताओं को लेकर दो तरह की सोच पाई जाती है-आस्तिक और नास्तिक। जो लोग देव भक्ति में विश्वास रखते हैं उन्हें आस्तिक कहा जाता है और जो भगवान में विश्वास नहीं रखते हैं वे नास्तिक कहे जाते हैं। कहते हैं कि कितनी भी परेशानियों का सामना क्यों न करना पड़े लेकिन भगवान के प्रति आस्था रखने पर हमें उसका शुभ परिणाम अवश्य मिलेगा। इसलिए भगवान के प्रति हमेशा सकारात्मक सोच रखना चाहिए।
तीर्थ: तीर्थ स्थानों में स्वयं भगवान केएस निवास माना जाता है। यहां लगभग हर समय भक्तों की भीड़ लगी रहती है। जिसकी वजह से वहां कई परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। ऐसे में कभी-कभी व्यक्ति के मन में नकारात्मक भावना आ जाती है। ऐसी भावना के साथ तीर्थ की यात्रा करने पर मनुष्य को उसका पुण्य नहीं मिलता है। इसलिए तीर्थ के लिए मनुष्य को हमेशा मन में अच्छी भावना रखनी चाहिए।
ब्राह्मण: शास्त्रों में ब्राह्मणों का बहुत महत्व बताया गया है। कोई भी यज्ञादि या शुभ काम बिना ब्राह्मण के सम्पन्न नहीं होता है। जो मनुष्य ब्राह्मणों पर विश्वास नहीं करता है या उनके प्रति अच्छी भावना नहीं रखता है, उसे कभी भी दान-पुण्य और कर्मों का फल नहीं मिलता है। इसलिए मनुष्य को कभी भी श्रेष्ठ और योग्य ब्राह्मणों का अपमान नहीं करना चाहिए।
मंत्र: मंत्रों में बहुत अधिक शक्ति होती है। आज नासा भी यह बात मान रहा है कि सूरज जो घूम रहा है उसमें से ॐ की ध्वनि निकल रही है। मंत्रों को देवी-देवताओं के करीब पहुंचने का आसान तरीका माना जाता है। जो लोग शांत मन और पवित्र भावनाओं से भगवान के मंत्रों का जाप करते हैं उनके सारी परेशानी खत्म हो जाती है।
ज्योतिषी: ग्रहों की दशाओं को देखकर मनुष्य के कुंडली दोष, और समस्याओं का समाधान करने वाला ज्ञाता व्यक्ति को ज्तोतिषी कहा जाता है। कई लोग अपनी परेशानियों का हल पाने के लिए ज्योतिषी के पास जाते हैं। साथ ही अपनी समस्या का निजात पाने के लिए उपाय जानते हैं। ऐसे में ज्योतिषी का अपमान कभी नहीं करना चाहिए।
डॉक्टर: बड़े से बड़े रोग के इलाज के लिए मनुष्य किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह लेता है। कहते हैं कि बड़े से रोग का इलाह संभव है, जरुरात है केवल विश्वास रखने की। कई बार लोगों के कहने पर या किसी भी अन्य कारणों से हमारी सोच डॉक्टर के प्रति नकारात्मक हो जाती है। यदि हमें अपने रोग से छुटकारा पाना है तो अपने डॉक्टर पर विश्वास करना चाहिए।
गुरु: जीवन में सफलता पाने के लिए एक श्रेष्ठ गुरु का होना बहुत जरूरी माना गया है। गुरु ही मनुष्य को सही और गलत में फर्क करना और जिम्मेदारियों का पालन करना सिखाता है। जो व्यक्ति अपने गुरु और उनके द्वारा दी गई शिक्षा पर विश्वास नहीं रखता है उसे जीवन में कई कठियाइयों का सामना करना पड़ता है।

