एकादशी-व्रत को शास्त्रों में खास महत्व प्रदान किया गया है। यही कारण है कि सभी व्रत-उपवासों में एकादशी व्रत को पूरे विधि-विधान से किया जाता है। वैसे तो वैशाख मास में पड़ने वाले सभी व्रत-त्योहार खास माने गए हैं लेकिन इस मास की वरुथिनी एकादशी इन सब में अधिक मंगलकारी है। कहते हैं इस एकादशी के व्रत से सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही इस व्रत का प्रभाव मनुष्य के सभी पापों को नष्ट करता है। साल 2019 में वरुथिनी एकादशी व्रत 30 मई 2019, मंगलवार को रखा जाएगा। आगे जानते हैं वरुथिनी एकादशी की व्रत-विधि और शुभ मुहूर्त।

वरूथिनी एकादशी तिथि और मुहूर्त

  • वरुथिनी एकादशी – 30 अप्रैल 2019, (मंगलवार)
  • पारण का शुभ मुहूर्त: 06:44 से 08:22 बजे तक (1 मई 2019)
  • पारण के दिन द्वादशी तिथि समाप्त- 06:44 (1 मई 2019)
  • एकादशी तिथि आरंभ – 22:04 (29 अप्रैल 2019)
  • एकादशी तिथि समाप्त – 12:18 (1 मई 2019)

व्रत विधि

शास्त्रों के अनुसार वरुथिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। इसलिए इस दिन भगवान श्री हरि के वराह अवतार की पूजा की जाती है। व्रत विधि के अनुसार एकादशी का व्रत रखने के लिए दशमी के दिन से ही व्रती को नियमों का पालन करना चाहिए। साथ ही दशमी के दिन केवल एक बार ही अन्न ग्रहण करना चाहिए वह भी बिलकुल सात्विक। ध्यान रहे कि व्रत के दौरान कांस, उड़द, मसूर, चना, कोदो, शाक, मधु या किसी दूसरे का अन्न, दो बार भोजन नहीं करना चाहिए।

इसके अलावा इस व्रत में ब्रह्मचर्य व्रत का पालन भी करना चाहिए। पान खाने, दातून करने, परनिंदा, द्वेश, झूठ, क्रोध आदि का भी पूरी तरह त्याग करना चाहिए। इसके अलावा एकादशी के दिन नहाने के बाद व्रत का संकल्प लेकर भगवान विष्णु के वराह अवतार की पूजा करनी चाहिए। साथ ही साथ व्रत कथा भी सुननी या फिर पढ़नी चाहिए। रात के समय भगवान के नाम का स्मरण और जागरण करना चाहिए। फिर द्वादशी के दिन ब्राह्मण को भोजन करवाकर दान-दक्षिणा देने के बाद ही व्रत का पारण करना चाहिए।