21 अगस्त, 2017 की रात को 9.16 बजे से सूर्य ग्रहण शुरु होगा और 22 अगस्त सुबह 2.34 बजे तक रहेगा। रात में 11.51 बजे इसका मध्यकाल होगा। मध्यकाल से 12 घंटे पहले ग्रहण के सूतक शुरू हो जाएंगे। हालांकि, सूतक वहीं लगेंगे जहां ग्रहण दिखाई देगा। भारत में ग्रहण के वक्त रात होगी तो ऐसे में यहां ग्रहण दिखाई नहीं देगा। यह सूर्य ग्रहण प्रशांत महासागर, उत्तरी-दक्षिणी अमेरिका के कुछ हिस्से, यूरोप के पश्चिमी-उत्तरी हिस्से, पूर्वी एशिया, उत्तर पश्चिमी अफ्रीका आदि क्षेत्रों में दिखाई देगा। भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने पर इसका असर भी यहां नहीं होगा। ना ही कोई धार्मिक मान्यताएं मान्य होंगी। हालांकि, कुछ ज्योतिषियों का कहना है कि राशियों पर इसका असर जरूर पड़ेगा।

यह ग्रहण सिंह राशि में पड़ रहा है, इसलिए इस दिन चंद्रमा सबसे ज्यादा पीड़ित रहेगा। इस दौरान जो जातक सिंह लगन में खासतौर से मघा नक्षत्र में पैदा हुए हैं उन पर इसका असर सबसे ज्यादा पड़ेगा। ऐसे जातकों को विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए। जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष हो और राहु-केतु की दशा चल रही हो उनके लिए भी यह ग्रहण अधिक प्रभावशाली होगा।

सूर्य या चंद्र ग्रहण के सूतक लगने के बाद ही कोई भी शुभ कार्य करने के लिए मना किया जाता है। हालांकि, भारत में इस ग्रहण के सूतक नहीं लगेंगे तो ऐसे में चिंता करने की जरूरत नहीं है। लेकिन जहां सूर्य ग्रहण दिखेगा और सूतक लगेंगे वहां इन बातों का गौर करना होगा। सूतक के दौरान किसी तरह की पूजा नहीं करनी होती। ग्रहण लगने के बाद भी कोई पूजन नहीं किया जाता। हालांकि, इस दौरान मन ही मन मंत्रों का जाप कर सकते हैं। इसके अलावा ग्रहण के दौरान खाना-पीना भी मना है। ज्योतिषियों का कहना है कि ग्रहण के दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का संचार ज्यादा होता है। ऐसे में घर में बैठकर ही मन ही मन मंत्रोच्चारण करना चाहिए, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा रहेगी और नकारात्मक ऊर्जा हावी नहीं होगी।

इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान घर के अंदर ही रहने की सलाह दी जाती है। कहा जाता है कि गर्भवती महिलाओं द्वारा ग्रहण देखने से उनके पेट में पल रहे बच्चे पर नकारात्मक असर पड़ता है। साथ ही यह भी कहा जाता है कि इस दौरान पति-पत्नी को शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए, क्योंकि इस दौरान बच्चा ठहर जाने पर वह सही नहीं होता।