अगर किसी व्यक्ति से पूछा जाए कि मानव के जीवन में सबसे महत्वपूर्ण चीज क्या है तो लोगों के अलग-अलग जवाब होंगे। लेकिन वाकई में जो चीज किसी इंसान की जिंदगी में सबसे ज्यादा कोई चीज महावपूर्ण होती है वह होता है व्यक्ति का मन। मन से ही मानव का निर्माण हुआ है। गीता में भी कहा गया है कि मनुष्य का मन उसके बंधन और मोक्ष का कारक होता है। अगर आप मन की समस्या से परेशान है तो जीवन की कितनी भी सुख-सुविधाएं आपके पास क्यों न रहें, जीवन में आप कुछ भी हासिल नहीं पाएंगे। धर्म शास्त्रों में मन को मजबूत करने के लिए कुछ खास उपाय बताए गए हैं। आगे हम इसे जानते हैं।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रमा को मन का ग्रह माना जाता है। नौ ग्रहों में सूर्य यदि प्राण है तो चंद्रमा इसका मन है। इसके अलावा बुध बहुत हद तक मन को प्रभावित करता है। जो चीज मन को नियंत्रित करती है वो चीज बुद्धि होती है। जल तत्व की तीनों रशियां कर्क, वृश्चिक और मीन का संबंध मन से होता है। कुंडली का चौथा और पंचमा भाव भी मन से संबंधित माना गया है। कभी-कभी तिथियों और नक्षत्रों का भी हमारे मन पर असर पड़ता है। जब कुंडली में चंद्रमा या बुध कमजोर हो जाते हैं तो मन स्थिर नहीं होता है। साथ ही साथ चंद्रमा यदि उच्च राशि में हो तो मन विचलित रहता है। इसके अलावा कुंडली का केंद्र स्थान यदि खाली हो जाए तो जीवन को ऊर्जा नहीं मिलती है। जिसके बाद मन विचलित होने लगता है, भटकने लगता है।

मन को मजबूत करने के लिए पहला काम नियमित रूप से सूर्य को जल देना चाहिए। साथ ही गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए। सुबह-शाम दोनों समय 108 बार गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए। भोजन को सदा और सात्विक बनाए रखना चाहिए। साथ ही साथ अपने मन को बेहतर रखने के लिए एकादशी का उपवास जरूर रखना चाहिए। इसके अलावा किसी ज्योतिषी से सलाह लेकर मोती या पन्ना धरण करना चाहिए। सोने से पहले कुछ समय के लिए ईश्वर का ध्यान करना चाहिए।