Som Pradosh Vrat November 2022: हर माह में कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष में प्रदोष व्रत पड़ता है। प्रदोष व्रत दोनों पक्ष की त्रयोदशी को पड़ता है। इस व्रत में भगवान शिव की पूजा का महत्व बताया गया है।

मान्यता के अनुसार इस व्रत को रखने से घर में सुख-समृद्धि का वास रहता है। साथ ही भगवान शिव की कृपा भी बनी रहती है।

प्रदोष व्रत का महत्व (Som Pradosh Vrat November 2022 Importance)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस व्रत को नियमानुसार और विधि-विधान से करने से सभी काम पूरे होते हैं। आर्थिक संकट दूर हो जाता है। इस व्रत को रखने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। मान्यता के अनुसार प्रदोष से समय भगवान शिव कैलाश पर्वत स्थित रजत भवन में नृत्य करते हैं। इसलिए भगवान शिव की उपासना के लिए रख व्रत को रखा जाता है। अलग-अलग दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत का महत्व भी अगल है। सोमवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत से सभी मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता है।

वहीं ऐसी भी मान्यता है कि इस व्रत को करने से मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है। प्रदोष व्रत का महत्व अन्य सभी व्रतों से अधिक माना गया है। प्रदोष व्रत रखने और पूजा करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।

प्रदोष व्रत पूजा विधि (Som Pradosh Vrat November 2022 PujaVidhi)

-सुबह जल्दी उठे और स्नान के बाद साफ कपड़े पहने।
-पूजा स्थल की सफाई करें।
-भगवना शिव की बेल पत्र, धूप, दीप और गंगा जल से पूजा करें।
-इस व्रत में भोजन नहीं ग्रहण किया जाता है।
-भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें।
-इस दिन रूद्राभिषेक भी किया जाता है।

प्रदोष व्रत पर करें ये उपाय

-पूजा के बाद दान जरूर करें।
-गरीब या जरूतमंदों की मदद करें।
-मदिरा आदि का सेवन न करें।
-भगवान शिव की पूजा में मंदार के फूल को उपयोग करें।
-भगवान शिव का गंगा जल और दूध से अभिषेक करें।