भगवान शिव को भोले कहकर पुकारा जाता है। इसका तात्पर्य यह है कि शिव जी बड़े ही भोले हैं। उन्हें अपने भक्त का जरा सा भी कष्ट सहन नहीं होता और वह उसे तुरंत दूर कर देते हैं। कहा जाता है कि जिस व्यक्ति के ऊपर शिव जी का आशीर्वाद होता है, उसे अपने जीवन में किसी भी तरह के कष्ट का सामना नहीं करना पड़ता। फिलहाल हिंदू धर्म के लोग गणेश उत्सव में डूबे हुए हैं। इस गणेश उत्सव के दौरान गणपति के पिता यानी कि शिव जी की आराधना को काफी विशेष माना गया है। शिव भक्त आरती का पाठ करके इस गणेश उत्सव में भोले बाबा का आशीर्वाद पाना चाहते हैं। ऐसे में हम आपके लिए शिव आरती लेकर आए हैं।
Shiv Ji Ki Aarti: यहां पढ़े पार्वती शिव जी की आरती लिरिक्स इन हिंदी
शिव जी की आरती:
ॐ जय शिव ओंकारा…
एकानन चतुरानन पंचांनन राजे।
हंसासंन, गरुड़ासन, वृषवाहन साजे॥
ॐ जय शिव ओंकारा…
दो भुज चारु चतुर्भज दस भुज अति सोहें|
तीनों रुप निरखता त्रिभुवन जन मोहें॥
ॐ जय शिव ओंकारा…
अक्षमाला, बनमाला, रुण्ड़मालाधारी|
चंदन, मृदमग सोहें, भाले शशिधारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा….
श्वेताम्बर,पीताम्बर, बाघाम्बर अंगें|
सनकादिक, ब्रम्हादिक, भूतादिक संगें||
ॐ जय शिव ओंकारा…
कर के मध्य कमड़ंल चक्र, त्रिशूल धरता|
जगकर्ता, जगभर्ता, जगसंहारकर्ता॥
ॐ जय शिव ओंकारा…
ब्रम्हा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका|
प्रवणाक्षर मध्यें ये तीनों एका॥
ॐ जय शिव ओंकारा…
काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रम्हचारी|
नित उठी भोग लगावत महिमा अति भारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा…
त्रिगुण शिवजी की आरती जो कोई नर गावें|
कहत शिवानंद स्वामी मनवांछित फल पावें॥
ॐ जय शिव ओंकारा…
जय शिव ओंकारा हर ॐ शिव ओंकारा|
ब्रम्हा विष्णु सदाशिव अद्धांगी धारा॥
ॐ जय शिव ओंकारा…

