Shattila Ekadashi 2020 Date, Ekadashi 2020: आमतौर पर एक साल में कुल 24 एकादशी व्रत (Ekadashi Vrat) पड़ते हैं। लेकिन इस बार 24 की जगह 25 एकादशी व्रत रहेंगे। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से कष्ट दूर होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। 20 जनवरी को षटतिला एकादशी पड़ रही है। माघ माह के कृष्ण पक्ष की इस एकादशी के दिन तिल का 6 तरीके से प्रयोग करने से पापों का नाश हो जाता है। जानिए इस एकादशी का महत्व और कैसे करें इस दिन तिलों का प्रयोग…

षटतिला एकादशी का महत्व: शास्त्रों और पुराणों के अनुसार जितना पुण्य कन्यादान, तपस्या और स्वर्ण दान से मिलता है उससे अधिक फल इस षटतिला एकादशी व्रत को करने से मिलता है। इस दिन व्रत रख भगवान विष्णु की सच्चे मन से अराधना करने से जीवन में सुख समृद्धि आती है और मृत्यु उपरान्त मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। इस एकादशी पर तिल के दान का विशेष महत्व होता है। इसलिए भगवान विष्णु को इस दिन पंचामृत में तिल मिलाकर स्नान कराएं।

षटतिला एकादशी पर तिलों का 6 तरीके से प्रयोग कैसे करें? (Shattila Ekadashi Vrat Vidhi)

– सबसे पहले तिल का प्रयोग नहाने के समय करें। सुबह प्रात: काल उठकर नहाने के जल में तिल मिला लें और स्नान के बाद पीले कपड़े पहनें। ऐसा करने से बुरा समय खत्म हो जाता है।

– तिल का दूसरा प्रयोग इसका उबटन लगाकर करें। ये शरीर के लिए लाभदायक साबित होता है।

– तिल को तीसरे तरीके से प्रयोग करने के लिए पूर्व की तरफ मुख करके पांच मुट्ठी तिलों से 108 बार ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें और आहुति दें। इससे मरने के बाद बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है।

[bc_video video_id=”5969286704001″ account_id=”5798671092001″ player_id=”JZkm7IO4g3″ embed=”in-page” padding_top=”56%” autoplay=”” min_width=”0px” max_width=”640px” width=”100%” height=”100%”]

– तिल का चौथे तरीके से प्रयोग पितरों का तर्पण करने के लिए करें। इसके लिए आप किसी ब्राह्मण के साथ दक्षिण दिशा की ओर मुख करके खड़े हो जाएं। फिर अपने पितरों का तिल से तर्पण करें। ऐसा करने से पितर खुश होते हैं। जिससे जीवन के कष्ट दूर हो जाते हैं।

– पांचवें तरीके से तिल का प्रयोग दान करने में करें। महाभारत में भी इस बात का उल्लेख मिलता है कि जो व्यक्ति गरीबों और जरूरतमंदों को तिल का दान करता है उसे मरने के बाद नरक के दर्शन नहीं करने पड़ते।

– छठे तरीके से तिल का प्रयोग भोजन में करें। षटतिला एकादशी के दिन तिलयुक्त भोजन बनाकर भगवान विष्णु को भोग लगाएं।