Shani Gochar 2026: ज्योतिष शास्त्र में कर्मफल दाता शनि को न्याय का देवता माना गया है और इन्हें अत्यंत प्रभावशाली ग्रहों में गिना जाता है। शनि की गति सभी ग्रहों में सबसे धीमी होती है, जिसके कारण ये एक राशि में लगभग ढाई वर्ष तक विराजमान रहते हैं। इसी वजह से शनि का प्रभाव जातकों के जीवन पर लंबे समय तक बना रहता है। राशि परिवर्तन के साथ-साथ शनि समय-समय पर नक्षत्र भी बदलते हैं, जिसका असर सभी 12 राशियों पर शुभ या अशुभ रूप में देखने को मिलता है। शनि लगभग एक वर्ष तक एक नक्षत्र में रहते हैं और पुनः उसी नक्षत्र में आने में करीब 27 वर्ष का समय लग जाता है। अब न्याय के देवता शनि जल्द ही उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं। इस नक्षत्र परिवर्तन से कुछ राशियों के जातकों को विशेष लाभ मिलने के संकेत हैं। ये विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जा रहा है। आइए जानते हैं वे कौन-सी भाग्यशाली राशियां हैं…
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, कर्मफल दाता शनि 20 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 13 मिनट पर उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 17 मई तक इसी नक्षत्र में रहेंगे और फिर रेवती नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे। इसके साथ ही कर्मफल दाता शनि गुरु की राशि मीन में विराजमान रहेंगे।
वृषभ राशि (Taurus Zodiac)
वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करना कई दृष्टि से शुभ साबित हो सकता है। इस गोचर के दौरान शनि आपकी कुंडली के एकादश भाव में स्थित रहेंगे। ऐसे में लंबे समय से अधूरी इच्छाएं पूरी हो सकती हैं। परिवार के साथ सुखद समय बिताने के अवसर मिलेंगे। कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होंगी और योजनाओं में सफलता मिल सकती है।
साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, जिससे प्रगति के नए रास्ते खुल सकते हैं। करियर के लिहाज से भी यह समय अनुकूल रहेगा। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। बॉस के साथ संबंध बेहतर होंगे। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। पदोन्नति और वेतन वृद्धि के योग भी बन रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को भी इस गोचर से लाभ मिल सकता है।
कन्या राशि (Virgo Zodiac)
कन्या राशि की कुंडली में शनि सप्तम भाव में गोचर करेंगे, जहां शनि को दिग्बल प्राप्त होता है। उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में शनि का प्रवेश इस राशि के जातकों के लिए सकारात्मक परिणाम ला सकता है। शनि की दृष्टि नवम, लग्न और चतुर्थ भाव पर पड़ेगी, जिससे पिता के साथ संबंध मधुर हो सकते हैं। लंबे समय से चला आ रहा मानसिक तनाव कम होने के संकेत हैं।
घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और करियर में उन्नति के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। कार्यस्थल पर चल रही राजनीति, तनाव या प्रमोशन में हो रही देरी से राहत मिल सकती है। वरिष्ठ अधिकारी आपके कार्य से संतुष्ट नजर आएंगे, जिससे पदोन्नति के योग बन सकते हैं। अटके हुए कार्य पूरे होंगे। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है।
उच्च शिक्षा की इच्छा पूरी हो सकती है और विदेश यात्रा के अवसर भी मिल सकते हैं। पिता के स्वास्थ्य में सुधार होगा। सप्तम भाव सक्रिय होने से वैवाहिक जीवन की परेशानियां दूर होंगी और जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बितेगा। आय में वृद्धि के योग हैं। छात्रों के लिए यह गोचर विशेष रूप से शुभ रहेगा और रुके हुए परीक्षा परिणाम या नियुक्ति पत्र मिलने की संभावना है।
मीन राशि (Pisces Zodiac)
मीन राशि के जातकों के लिए शनि लग्न भाव में विराजमान रहेंगे। ऐसे में शनि का उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करना अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकता है। लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे होंगे और धन-धान्य में वृद्धि के संकेत मिलेंगे। परिवार के साथ समय सुखद बीतेगा।
नौकरीपेशा लोगों के लिए यह अवधि अनुकूल रहेगी। नई नौकरी की तलाश कर रहे जातकों को अच्छे अवसर प्राप्त हो सकते हैं। आप अपनी पुरानी गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ेंगे, जिससे बेहतर परिणाम मिलेंगे। कार्यक्षेत्र में चल रही चुनौतियां समाप्त हो सकती हैं।
वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव के बावजूद प्रेम और समझ बनी रहेगी। विभिन्न क्षेत्रों में सफलता मिलने के योग हैं। भाई-बहनों के साथ संबंध मजबूत होंगे। विदेश यात्रा के अवसर मिल सकते हैं। वहीं जो लोग विदेश से स्वदेश लौटना चाहते हैं, उनके लिए भी यह समय अनुकूल साबित हो सकता है।
साल 2026 का वार्षिक राशिफल (Horoscope 2026)
डिस्क्लेमर (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार परिणामों में भिन्नता हो सकती है। किसी भी बड़े निर्णय से पहले विशेषज्ञ ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।
