धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनि अमावस्या का शुभ संयोग तब बनता है जब शनिवार के दिन अमावस्या पड़े। वैसे तो शनिदेव की कृपा पाने के लिए हर शनिवार को इनकी पूजा-अर्चना की जाती है लेकिन शनि अमावस्या पर किए गए कार्य विशेष फलदायी होते हैं। साल 2019 में शनि अमावस्या 05 मई, शनिवार यानि आज है। हिन्दू धर्म शास्त्रों में शनि को न्याय का देवता माना गया है। मान्यता है कि शनिदेव हर मनुष्य को उसके अच्छे और बुरे कर्मों का फल देते हैं। परंतु क्या आप जानते हैं कि शनि अमावस्या पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं? यदि नहीं तो आगे इसे जानिए।

शास्त्रों के अनुसार शनि अमावस्या के दिन बाल और नाखून नहीं काटना अथवा कटवाना चाहिए। क्योंकि शनि अमावस्या के दिन ऐसा करना अशुभ माना गया है। माना जाता है कि शनि अमावस्या पर बाल और नाखून बनवाने से शनिदेव रूष्ट होते हैं। जिसके कारण व्यक्ति को आर्थिक तंगी या आर्थिक रुकावटें आती हैं। शनि अमावस्या के दिन गरीब और भूखे-भिखारियों के बीच दान करने से मनुष्य शनिदेव की विशेष कृपा प्राप्त करता है। इसलिए शनि अमावस्या के दिन यदि कोई भूखा व्यक्ति आए तो उसे खाली हाथ नहीं लौटाना चाहिए।

वहीं शनि अमावस्या पर शाम के समय पश्चिम दिशा की ओर मुंह करके दान करने से शनिदेव का आशीर्वाद मिलता है। इस दिन शनिदेव के पैरों के दर्शन करने चाहिए। शनि अमावस्या के दिन किसी भी स्त्री का अपमान नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से शनिदेव क्रोधित होते हैं और दोषी को अपने कोप का भाजन बनाते हैं। शास्त्रों में ऐसा उल्लेख मिलता है कि शनि की कृपा पाने के लिए महिला का सम्मान करना चाहिए।

शनि अमावस्या के दिन किसी भी प्रकार का नया कपड़ा नहीं खरीदना चाहिए। इतना ही नहीं इस दिन नए कपड़े पहनने भी नहीं चाहिए। इसके अलावा शनि अमावस्या पर पीपल के पेड़ की 108 परिक्रमा करने पर रोगों से छुटकारा और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। कहते हैं कि इस दिन व्रत रखकर सायंकाल में शनि पूजन और शनि की वस्तुओं के दान और शनि के मंत्र जैसे “ऊं शं शनैश्चराय नमः। “प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः” के जाप से शनि प्रसन्न होते है।