2022 September Tyohar Vrat Full List: ज्योतिष के दृष्टिकोण से सितंबर का महीना बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। सितंबर महीने की शुरुआत ही ऋषि पंचंमी के साथ हो रही है। इसके बाद  10 सितंबर से पितृ पक्ष यानी कि महालया श्राद्धारम्भ की शुरुआत हो रही है। साथ ही  26 सितंबर को शारदीय नवरात्रि शुरू हो रही हैं।

सितंबर 2022 व्रत और त्योहार

01 सितंबर .गुरुवार : ऋषि पंचमी व्रत।

02 सितंबर . शुक्रवार : सूर्य षष्ठी व्रत। लोलार्क षष्ठी ।

03 सितंबर . शनिवार : राधा अष्टमी।

05 सितंबर . सोमवार : धूप- सुगंध दशमी।

07 सितंबर . बुधवार: वामन जयंती।

09 सितंबर . शुक्रवार: अनंत चतुर्दशी व्रत।

10 सितंबर . शनिवार: महालया श्राद्धारम्भ।

17 सितंबर . शनिवार : श्री महालक्ष्मी व्रत। कालाष्टमी।

18 सितंबर . रविवार : जीवित्पुत्रिका (जीउतिया) व्रत। अष्टमी श्राद्ध।

19 सितंबर . सोमवार : मातृ नवमी। नवमी श्राद्ध।

23 सितंबर . शुक्रवार : प्रदोष व्रत। त्रयोदशी श्राद्ध।

25 सितंबर . रविवार : स्नान – दान – श्राद्धादि की अमावस्या । अमावस्या श्राद्ध। पितृ विसर्जन ।

26 सितंबर . सोमवार : शारदीय नवरात्रि शुरू। कलश स्थापना।

ऋषि पंचमी: ये व्रत मुख्य तौर से सप्त ऋषियों को समर्पित होता है। कहा जाता है इस व्रत को करने से धन-धान्य, समृद्धि, संतान प्राप्ति की कामना भी पूरी हो जाती है।

राधा अष्टमी: शास्त्रों के अनुसार राधा अष्टमी के दिन राधा रानी का जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन को राधा मैया के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।

अनंत चतुर्दशी: अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु के अनंत रूपों की आराधना की जाती है। इस दिन हाथ में अनंत भी बांधा जाता है। अनंत सूत्र सभी परेशानियों को समाप्त करने वाले होते हैं। जिस व्यक्ति की कलाई पर अनंत सूत्र बंध जाता है। उस पर भगवान विष्णु का आशीर्वाद बना रहता है।

श्राद्ध पक्ष: हर साल श्राद्ध पक्ष आता है। यह पक्ष पित्रों को समर्पित होता है। श्राद्ध पक्ष के दिनों में लोग अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि पर ब्राह्रणों को भोजन कराते हैं। साथ ही यथाशक्ति दान- दक्षिणा भी देते हैं। वहीं अमावस्या तिथि पर तर्पण और पिंड दान करने का विधान होता है।

शारदाीय नवरात्रि: साल में दो बार नवरात्रि मनाई जाती है। चैत्र और शारदीय। जिसमें माता के 9 रूपों की पूजा अर्चना की जाती है। इस साल शारदीय नवरात्रि 26 सितंबर से आरंभ हो रही हैं। इन दिन ईशान कोण में कलश स्थापना भी की जाती है।