Shani Vakri 2020 Dates And Effects: शनि 24 जनवरी 2020 से मकर राशि में गोचर हैं। 11 मई से ये वक्री चाल चलने लगेंगे। इसे शनि की उल्टी चाल भी कहा जाता है। फिर 29 सितंबर से पुन: मार्गी भी हो जायेंगे। शनि की ये चाल आमतौर पर कष्टदायी मानी जाती है। खासकर उन जातकों के लिए जिन पर शनि की साढ़े साती (Shani Sade Sati) या फिर ढैय्या चल रही है। सबसे पहले जान लें कौन-कौन सी राशियां शनि के प्रभाव में हैं…

शनि साढ़े साती 2020 (Shani Sade Sati 2020): इसकी चपेट में धनु, मकर और कुंभ राशि के जातक हैं। धनु वालों पर शनि साढ़े साती का अंतिम चरण चल रहा है। मकर वालों पर इसका दूसरा चरण तो कुंभ वालों पर शनि साढ़े साती अपने पहले चरण में हैं।

शनि की ढैय्या 2020 (Shani Dhaiya 2020): मिथुन और तुला वालों पर इस साल शनि की ढैय्या शुरू हो चुकी है। जबकि वृषभ और कन्या राशि के जातक को इससे मुक्ति मिल गई है।

शनि के बुरे प्रभाव से बचने के उपाय (Shani Upay 2020):

– शनिवार से शनि देव के उपवास शुरू करें इससे शनि देव प्रसन्न होते हैं।

– शनिवार के दिन पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं और सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

– शनि के बीज मंत्र ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः का 108 बार जाप करें।

– काले या फिर नीले रंग के कपड़े धारण करें और गरीबों को अन्न-वस्त्र का दान करें।

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– शनिवार के दिन सुबह जल्दी उठ जाएं। स्नान कर एक कटोरी में सरसों का तेल लेकर उसमें अपना चेहरा देखकर उसका दान कर दें।

– रुद्राक्ष की माला हाथ में लेकर उससे 1 सौ बार ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’मंत्र का जाप करें। इससे शनिदेव प्रसन्न होते हैं।

– शनिदेव के क्रोध से बचने के लिए उन पर नीले रंग के फूल चढ़ाएं और शनिवार के दिन शनि देव की मूर्ति पर सपसों का तेल तिल डालकर चढ़ाएं।

– कहा जाता है कि भगवान हनुमान की उपासना करने से भी शनि भगवान खुश होते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिदेव ने हनुमान भगवान को वचन दिया था कि वे उनके भक्तों की सहायता करेंगे उन्हें हर कष्ट से निकालेंगे। इसलिए शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें।