Saturn Retrograde 2020: मई से शनि वक्री दिशा में चलने लगेंगे। जिसे शनि की उल्टी चाल भी कहा जाता है। शनि की ये चाल उन लोगों को ज्यादा परेशान करती है जिन पर शनि की साढ़े साती या फिर ढैय्या चल रही हो। लेकिन अगर आपकी कुंडली में शनि मजबूत स्थिति में है तो इसका आपके ऊपर कुछ खास प्रभाव नहीं पड़ेगा। जानिए कब से कब तक के लिए शनि हो रहे हैं वक्री और शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए क्या उपाय करें…
शनि वक्री टाइम: 11 मई 2020 दिन सोमवार को सुबह 09:39 ए एम बजे से शनि अपनी चाल बदल देंगे। फिर 29 सितंबर दिन मंगलवार को शनि फिर से मार्गी हो जायेंगे। शनि के वक्री गति के दिनों की कुल अवधि 142 दिनों की रहेगी।
शनि साढ़े साती और ढैय्या 2020: शनि की साढ़े साती धनु, मकर और कुंभ राशि वालों पर चल रही है। तो वहीं वृश्चिक वालों को इससे मुक्ति मिल चुकी है। शनि की ढैय्या की बात करें तो ये मिथुन और तुला वालों पर अगले ढाई सालों तक रहेगी।
शनि के उपाय (Shani Upay):
– सूर्यास्त के समय पीपल के पेड़ के पास दीपक जलाने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है।
– शनि दोष को कम करने के लिए शनिवार के जिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें। उसके बाद एक कटोरी में तेल भरें और उस तेल में अपना चेहरा देख लें। फिर उस तेल को कटोरी समेत शनि का दान लेने वाले व्यक्ति को दे दें।
– अगर आप फूल नहीं चढ़ा सकते, दीप नहीं जला सकते और सुबह तेल दान नहीं कर सकते, तो आप रुद्राक्ष की माला लेकर एक सौ आठ बार ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ का जप करें, शनिदेव की कृपा बनेगी और कष्ट दूर होंगे।
– शनिदेव की कृपा पाने के लिए रुद्राक्ष की माला लेकर एक सौ आठ बार ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करें।
– शनिदेव को नीले रंग के फूल चढ़ाएं। गरीबों की सहायता करें। गलत कार्यों से दूर रहें।
– शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए हनुमान जी की उपासना की जाती है। मान्यता है कि शनिदेव ने हनुमान जी को वचन दिया था कि वो उनके भक्तों को कभी परेशान नहीं करेंगे। इसलिए शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ जरूर करना चाहिए।

