Ratna Vigyan/ Emerald Benefits and Negative Effects: रत्न विज्ञान यह कहता है कि कोई भी रत्न धारण करने से पहले उसके बारे में जानकारी ले लेनी चाहिए। क्योंकि रत्न धारण करने की वजह से जीवन में सिर्फ सकारात्मक ही नहीं बल्कि नकारात्मक योग भी बन सकते हैं।

इसलिए यह बहुत जरूरी है कि किसी अल्प ज्ञानी व्यक्ति से रत्नों के बारे में ना पूछें और ना ही उनके कहने पर रत्न धारण करें। रत्न धारण करने के लिए ज्ञानी ज्योतिष से परामर्श लेना चाहिए। आमतौर पर लोग पन्ना रत्न को सुंदर मानते हुए पहन लेते हैं लेकिन इस रत्न से भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि पन्ना रत्न के बारे में कुछ जरूरी बातें जानी जाए।

जो विद्यार्थी पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं या जिन्हें यह लगता है कि कुछ भी पढ़ने के बाद उन्हें वह ज्यादा समय के लिए याद नहीं रह पाता है ऐसे बच्चों को पन्ना धारण करना चाहिए। पन्ना धारण करने से पढ़ाई में मन लगने लग जाएगा और याददाश्त भी तेज होगी।

अगर आपके घर में ऐसे लोग हैं जो थोड़े-थोड़े समय बाद बीमार पड़ जाते हैं तो उनके लिए पन्ना रत्न धारण करना उपयोगी साबित हो सकता है। कहते हैं कि पन्ना धारण करने से आरोग्य के योग बनते हैं। साथ ही शरीर में बल की वृद्धि होती है।

ज्योति शास्त्र यह मानता है कि पन्ना बुध ग्रह को प्रभावित करता है। इसलिए अगर आपको त्वचा से संबंधित रोग हैं तो आपको पन्ना धारण करना चाहिए। पन्ना धारण करने से ना सिर्फ त्वचा के रोग ठीक हो जाएंगे बल्कि कुंडली में बुध ग्रह की स्थिति भी उच्च हो जाएगी।

मार्केटिंग, अकाउंट, बैंकिंग और गणित से जुड़े लोगों को पन्ना धारण करना चाहिए। अगर ऐसे लोग पन्ना धारण करते हैं तो उन्हें करियर में बहुत जल्द सफलता मिलने के योग बन सकते हैं। साथ ही इसे जल्द प्रमोशन के योग भी बनने की मान्यता है।

ऐसी मान्यता है कि जिस घर में पन्ना रत्न होता है वहां अन्न-धन की वृद्धि होती है। कहते हैं कि ऐसे घरों की संतान बहुत संस्कारी होती है। साथी अगर आपके परिवार में भूत-प्रेत की बाधा है तो इससे वह भी शांत हो सकती है।