Ramadan 2019 Date, Time Table: रमजान इस्लाम के सबसे पाक-साफ महीनों में शुमार है। कहा जाता है कि हर मुसलमान की जिंदगी में रमजान के महीने का खास महत्व होता है। क्योंकि मान्यता है कि इस महीने में जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं। साथ ही रमजान के महीने में की गई इबादतों का सवाब दूसरे महीनों के मुकाबले कई गुना अधिक मिलता है। रमजान के पवित्र महीने में अल्लाह अपने बंदों पर रहमतों की बरसात करता है। साल 2019 में पड़ने वाले रमजान की सही तारीख को लेकर अभी असमंजस की स्थिति बनी है।
वहीं, इस बारे में इस्लाम के जानकारों का कहना है कि यदि 05 मई को चाँद का दीदार होगा तो रमजान 06 मई 2019 से शुरू हो जाएगा जो 04 जून 2019 तक चलेगा। रमजान में मुलमान लोग अल्लाह को उनकी नेमत के लिए शुक्रिया अदा करते हैं। महीने भर रोजे के बाद शव्वाल की पहली तारीख को ईद उल फितर मनाया जाता है। दरअसल इस्लामिक ग्रन्थों में रमजान का उल्लेख मिलता है। जिसके अनुसार मोहम्मद साहब को साल 610 में लेयलत उल-कद्र के मौके पर पवित्र कुरान शरीफ का ज्ञान प्राप्त हुआ था। कहते हैं कि उसी समय से रमजान को इस्लाम धर्म में एक पर्व के रूप में मनाया जाने लगा।
इस्लाम में रमजान के महीने को तीन भागों में बांटा गया है। प्रत्येक हिस्से में दस-दस दिन रखे गए हैं। हर दस दिन के हिस्से को ‘अशरा’ कहा जाता है। कुरान के दूसरे पारे के आयत- 183 में रोजा रखना हर मुसलमान के लिए जरूरी बताया गया है। रोजा सिर्फ भूखे, प्यासे रहने का नाम नहीं बल्कि खुद पर नियंत्रण करना, अश्लील या गलत काम से बचना है। साथ ही कुरान में अल्लाह ने फरमाया कि रोजा तुम्हारे ऊपर इसलिए फर्ज किया है, ताकि तुम खुदा से डरने वाले बनो और खुदा से डरने का मतलब यह है कि इंसान अपने अंदर विनम्रता पैदा करे।

