इस्लाम में रमजान के पाक महीने को बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार नौवां महीना होता है जिसमें मुसलमान पूरे 29-30 दिनों तक रोजा रखते हैं। रोजे के दौरान मुस्लिम लोग बेहद पाक-साफ रहते हैं और अल्लाह की इबादत करते हैं। सऊदी अरब में रविवार को चांद का दीदार हो गया। यहां सोमवार से रमजान शुरू हो जाएगा। वहीं, भारत में चांद नहीं दिखने की वजह से मंगलवार से यहां रमजान शुरू होगा।
#BREAKING: #Ramadan crescent sighted at Hotat Sudair Observatory in #SaudiArabia. Monday is the first day of Ramadan. pic.twitter.com/FA8HnC93bl
— Saudi Gazette (@Saudi_Gazette) May 5, 2019
इस्लाम यह मानता है कि रमजान के पवित्र महीने में ही मोहम्मद साहब को पवित्र कुरान का ज्ञान प्राप्त हुआ था। कहते हैं कि तभी से रोजा रखने की परंपरा चली आ रही है। साथ ही मुस्लिम धर्म गुरूओं के अनुसार चाँद के दीदार के बाद ही पहला रोजा शुरू होता है। जो अगले एक महीने तक चलता है और अंतिम दिन ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है। इसके अलावा रमजान में लोग अपनों को शुभकामना संदेशों को भेजकर रमजान पर्व की बधाई देते हैं।

Highlights
मस्जिदों में अलग-अलग समय पर पहले इशा की नमाज पढ़ी जाएगी और उसके बाद तरावीह की नमाज पढ़ी जाएगी।
इमारत ए शरिया हिंद ने भी बयान जारी कर रविवार को चांद नहीं दिखाने और सात मई को पहला रोज़ा होने का ऐलान किया है। रोज़े रखना इस्लाम के पांच स्तंभ में से एक है। हर सेहतमंद इंसान का रमज़ान के रोज़े रखना फर्ज़ है।
दिल्ली की शाही फतेहपुरी मस्जिद के इमाम मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने बताया कि सोमवार को इस्लामी महीने शाबान का 30 वां दिन होगा और पहला रमज़ान 7 मई को होगा। यानी पहला रोज़ा मंगलवार को होगा। जामा मस्जिद के इमाम अहमद बुखारी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, दिल्ली और देश के अन्य हिस्से में चांद नही दिखा है और कहीं से चांद दिखने की गवाही भी नहीं आयी है।
दिल्ली समेत देशभर में रविवार को रमज़ान का चांद नज़र नहीं आया। लिहाज़ा पहला रोज़ा मंगलवार को होगा। दिल्ली की शाही फतेहपुरी मस्जिद के इमाम मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने भाषा को बताया कि रविवार शाम चांद कमेटी की बैठक हुई थी, जिसमें चांद दिखने की खबर कहीं से नहीं मिली। दिल्ली का आसमान साफ था फिर भी चांद नहीं दिखा।
पाकिस्तान में रविवार को चांद नहीं दिखा। इस वजह से वहां मंगलवार से रमजान शुरू होगा।
सऊदी अरब में रविवार को चांद दिख गया। अब वहां सोमवार से रमजान शुरू हो जाएगा।
चांद नजर आने के साथ ही तरावीह की नमाज शुरू हो जाएगी, जो पूरे रमजान चलेगी। तरावीह की नमाज में नमाजी तिलावते कलामे पाक के साथ नमाज अदा करते हैं।
रविवार को यदि दुनिया में चांद नहीं देखा जाता है तो रमजान माह की शुरुआत 6 मई से होगी। ग्रेगोरियन कैलेंडर में जहां एक महीने के दिन तय होते हैं, वहीं, हिजरी कैलेंडर चांद देखने के अनुसार महीना तय होता है।
रमजान का पवित्र महीना 6 मई को अमावस्या के दिन शुरू होगा और जून के पहले सप्ताह में समाप्त होने की उम्मीद है। इस दौरान दुनिया के लाखों मुसलमान रोजा रखेंगे।
इस्लाम में 'रोजा' को 'अल्लाह को शुक्रिया अदा' करना माना जाता है। रोजा रखने वाले को रोजेदार माना जाता है। यूं तो कहा जाता है कि सभी लोगों को रोजा रखना चाहिए लेकिन बीमार व्यक्तियों, यात्रा करने वालों, गर्भवती महिलाओं, मासिक धर्म वाली महिलाओं तथा बुजुर्गों को रोजा रखने से छूट मिलती है।
मान्यताओं के अनुसार, इस्लाम के पैगंबर मोहम्म्द के सामने कुरान की पहली झलक माह-ए-रमजान में पेश की गई थी। इस वजह से रमजान को कुरान के जश्न का मौका भी माना जाता है।
चांद निकलने के बाद ही नमाज का दौर शुरू हो जाएगा। यदि रविवार को रमजान का चांद निकलता है तो आज ही शाम तरावीह की नमाज पढ़ायी जाएगी, अन्यथा यह सोमवार को होगी।
रमजान के आगाज का समय करीब आ गया है। इबादत और तिलावत के इस महीने में मस्जिदों में साफ-सफाई के अलावा तरावीह की नमाज के लिए भी इंतजाम शुरू हो गए हैं।