Ram Navami 2019 Date in India: चैत्र शुक्ल नवमी के दिन राम नवमी मनाई जाती है। साल 2019 में राम नवमी चैत्र शुक्ल नवमी यानि 14 अप्रैल, को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार इस दिन नवमी तिथि का आगमन पुष्य नक्षत्र में हो रहा है। इसलिए इस बार राम नवमी बेहद शुभ माना जा रहा है। शास्त्रों के अनुसार यदि चैत्र शुक्ल नवमी पुष्य नक्षत्र से युक्त हो तो यह सभी अर्थों में पुण्यदायिनी मानी जाती है। राम नवमी के दिन व्रत रखने का भी विधान है। राम नवमी का व्रत नवमी में और पारण दशमी में करना चाहिए।
शुभ मुहूर्त
- तिथि- 14 अप्रैल, 2019
- दिन- रविवार
- राम नवमी के दिन पुण्यकाल का शुभ मुहूर्त- सुबह 10:26 से 18:25 शाम तक
- पुण्यकाल की अवधि- 7 घंटे 59 मिनट
- महापुण्यकाल का शुभ मुहूर्त- 14:01 से 14:49 तक
- महापुण्यकाल की अवधि- 47 मिनट
राम नवमी का महत्व
धर्म अध्यात्म के अनुसार चैत्र के महीने के नौवें दिन राम नवमी का उत्सव पृथ्वी पर परमात्मा शक्ति के होने का प्रतीक है। चैत्र नवमी के दिन भगवान विष्णु का जन्म अयोध्या के राजा दशरथ के बड़े पुत्र राम के रूप में हुआ था। राम के जन्म का उद्देश्य रावण की दुष्ट आत्मा को नष्ट करना था। इसलिए राम नवमी का उत्सव धर्म की शक्ति की महिमा, अच्छे और बुरे के बीच के संघर्ष को दर्शाता है।
हिंदू कैलेंडर के अनुसार राम नवमी चैत्र माह के नौवें दिन पड़ता है। यह दिन चैत्र नवरात्रि का आखिरी दिन भी होता है। इसलिए हिंदू त्योहारों में राम नवमी का विशेष महत्व है। संपूर्ण देश में रामनवमी के पर्व को अति उत्साह के साथ मनाया जाता है। लेकिन उत्तर भारत में विशेष तौर पर अयोध्या (भगवान राम की जन्मभूमि) में इस दिन भव्य उत्सव का आयोजन किया जाता है।
राम नवमी के दिन मंदिरों में भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है। कई स्थानों पर तो राम नवमी पर भव्य जुलूस और झांकियां निकाली जाती हैं। इस दिन लोग पूरे दिन का उपवास करके भगवान राम के जन्म दिवस को मनाते हैं। सूर्यास्त के बाद पारण कर व्रत का समापन करते हैं। इस दिन भगवान को प्रसाद के रूप में पंचामृत, श्री खंड, खीर या हलवे का भोग लगाया जाता है। राम जी के पूजन में दूध और घी का अहम स्थान होता है और इसी वजह से राम नवमी के शुभ अवसर घी की बनाई गई मिठाईयां खाई जाती हैं।

