Visphotak Yog 2025: ग्रहों के सेनापति मंगल को नवग्रह में काफी खास महत्व है। जिस तरह शरीर के खून महत्वपूर्ण है। उसी तरह नवग्रह में मंगल का स्थान है। मंगल को आत्मविश्वास, ऊर्जा, पराक्रम, आत्मबल आदि का कारक माना जाता है। वह करीब 45 दिनों के बाद राशि परिवर्तन करते है जिसका असर 12 राशियों के साथ-साथ देश-दुनिया में साफ नजर आ जाता है। मंगल नए साल 2026 के फरवरी माह में कुंभ राशि में प्रवेश करने वाले हैं। जहां पर पापी ग्रह राहु विराजमान है। ऐसे में मंगल और राहु के संयोग से महाविस्फोट योग का निर्माण हो रहा है। राहु-मंगल के संयोग से बना विस्फोटक योग कुछ राशि के जातकों के जीवन में कई क्षेत्रों में नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। ये विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जा रहा है। आइए जानते हैं किन राशियों को रहना होगा संभलकर…
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल 23 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजकर 57 मिनट पर कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे और 2 अप्रैल 2026 तक रहेंगे। ऐसे में विस्फोटक योग अप्रैल तक बना रहेगा।
मेष राशि (Aries Zodiac)
इस राशि के जातकों के लिए विस्फोटक योग कुछ परेशानियां बढ़ा सकता है। मंगल-राहु की युति ग्यारहवें भाव में हो रही है। ऐसे में आपकी कई इच्छाएं अधूरी रह सकती है। छोटे-छोटे से काम पर भी अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। नौकरीपेशा जातकों को भी थोड़ी सी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में मानसिक तनाव में वृद्धि हो सकती है। इस राशि में शनि साढ़े साती का दूसरा चरण भी चल रहा है। ऐसे में इस राशि के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर देखने को मिल सकता है। पिता के स्वास्थ्य को लेकर थोड़ा सचेत रहने की जरूरत है।
धनु राशि (Sagittrius Zodiac)
इस राशि के तीसरे भाव में मंगल और राहु की महायुति हो रही है। इसके साथ ही इस राशि में शनि ढैया चल रही है और केतु की भी दृष्टि पड़ेगी। ऐसे में इस राशि के जातको के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है। इसलिए थोड़ा सचेत रहने की जरूरत है।
मकर राशि (Capricorn Zodiac)
मकर राशि के दूसरे भाव में विस्फोटक योग का निर्माण हो रहा है। ऐसे में इस राशि के जातकों को धन हानि का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए किसी भी प्रकार का निवेश करने से पहले अच्छे से सोच विचार कर लें। स्वास्थ्य को लेकर भी परेशान हो सकते हैं। ऐसे में अस्पतालों में आपका अच्छा खासा पैसा खर्च हो सकता है। इसके अलावा भाई के स्वास्थ्य को लेकर थोड़ा परेशान हो सकते हैं।
अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय
अशुभ प्रभाव से बचने के लिए मंगल, राहु से संबंधित उपाय करें। हर मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा के साथ हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं। इसके अलावा शांति पूजा, यज्ञ आदि कराना लाभकारी हो सकता है।
नए साल में कर्मफल दाता शनि मीन राशि में मार्गी अवस्था में रहेंगे। ऐसे में कुछ राशि के जातकों पर शनि की अशुभ दृष्टि पड़ सकती है। ऐसे में इन 5 राशि के जातकों को सेहत, व्यापार से लेकर आर्थिक स्थिति के क्षेत्र में विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। आइए जानते हैं शनि की घातक दृष्टि किन राशियों की बढ़ा सकती है मुश्किलें
डिसक्लेमर- इस लेख को विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
