Rahu Gochar 2025: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में राहु को मायावी ग्रह माना जाता है, जो एक निश्चित अवधि के बाद राशि के और नक्षत्र परिवर्तन करते है जिसका असर 12 राशियों के जीवन में किसी न किसी तरह से अवश्य देखने को मिलता है। बता दें कि 23 नवंबर 2025 को मायावी ग्रह राहु शतभिषा नक्षत्र में गोचर कर गए हैं और इस नक्षत्र में 2 अगस्त 2026 तक रहने वाले हैं। ज्योतिष शास्त्र में राहु को रहस्यमय और अत्यंत शक्तिशाली ग्रह माना गया है। ऐसे में उनके स्वयं के नक्षत्र में प्रवेश करने से वह बहुत ही ज्यादा प्रभावशाली हो गए हैं। ऐसे में कुछ राशि के जातकों को अचानक धन लाभ से लेकर अप्रत्याशित सफलता, जीवन में बड़े परिवर्तन तक देखने को मिल सकते हैं। राहु हमेशा उल्टी चाल चलते हैं। ऐसे में इसका असर हर भाव में अलग-अलग देखने को मिलता है। यह विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर है। आइए जानते हैं राहु के शतभिषा नक्षत्र में जाने से किन राशि के जातकों को विशेष लाभ मिल सकता है…
मकर राशि (Capricorn Zodiac)
आपकी गोचर कुंडली में दूसरे भाव में विराजमान है जिसे धन, वाणी, पैतृक संपत्ति, परिवार और संचित धन के भाव काबा जाता है। दूसरे भाव में बैठकर राहु छठे, आठवें और दसवें भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं। ऐसे में इस राशि के जातकों को आकस्मिक धन लाभ हो सकता है। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। राहु की दृष्टि अष्टम भाव पर होने से जीवन में अचानक घटनाएं घट सकती हैं। ऐसे में मकर राशि के जातकों को अप्रत्याशित धन लाभ, कहीं अटका हुआ पैसा वापस मिलने और पुराने प्रॉपर्टी विवाद के सहजता से सुलझने के योग बनते हैं। आर्थिक स्थिति तेजी से बेहतर होगी, आय के नए स्रोत खुलेंगे और धन कमाने के कई अवसर प्राप्त होंगे। अष्टम भाव गुप्त रहस्यों का कारक है, इसलिए अपनी योजनाओं को गोपनीय रखना आपकी सफलता को और अधिक बढ़ा सकता है। राहु आपकी वाणी को प्रभावशाली बनाएंगे, जिससे बातचीत के माध्यम से भी लाभ मिलने की संभावना बढ़ेगी। प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक समाधान संभव है।
उपाय
राहु को अनुकूल रखने के लिए “ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः” मंत्र का नियमित रूप से जाप करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
तुला राशि (Libra Zodiac)
राहु महाराज शनि की मूल त्रिकोण राशि कुंभ में गोचर कर रहे हैं। इसके साथ ही शतभिषा नक्षत्र में प्रवेश करने से इस राशि के जातकों को विशेष लाभ मिल सकता है। इस राशि पंचम भाव में राहु विराजमान होकर नवम, एकादश और लग्न भाव पर दृष्टि पड़ रही है। ऐसे में इस राशि के जातकों को कई क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है। बता दें कि पांचवां भाव शिक्षा, संतान, बुद्धि, निर्णय क्षमता, विचार प्रवाह, प्रेम संबंध, रचनात्मकता और पूर्व संचित कर्मों आदि का माना जाता है। राहु के शतभिषा नक्षत्र में प्रवेश कर पंचम भाव में स्थित होने से इस राशि के जातकों के जीवन में कई रहस्यमयी और अप्रत्याशित परिवर्तन उभर सकते हैं। विशेष रूप से कला, मीडिया, साहित्य, शिक्षा, आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी से जुड़े लोगों को उल्लेखनीय लाभ मिलेगा। आपकी रचनात्मकता और प्रतिभा पहले से अधिक प्रभावशाली रूप में सामने आएगी तथा आपको अपनी क्षमताएं प्रदर्शित करने के लिए नए और बड़े अवसर प्राप्त हो सकते हैं।
एकादश भाव पर राहु की दृष्टि आर्थिक प्रगति के संकेत देती है। आपकी कई महत्वपूर्ण इच्छाएं पूरी हो सकती हैं और अचानक धन प्राप्ति के अवसर भी मिल सकते हैं। पंचम भाव शेयर, सट्टा और लॉटरी से संबंध रखता है, इसलिए किसी पुराने निवेश के अचानक अच्छा लाभ देने की संभावना है परंतु सोच-समझकर निर्णय लेना आवश्यक है। करियर में भी उन्नति के योग हैं और यह समय कई नए द्वार खोलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रूप से अच्छा रहेगा, और नवम भाव पर राहु की दृष्टि आपको अध्यात्म, ज्ञान और आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करेगी। शिक्षा के क्षेत्र में भी सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।
उपाय
यदि राहु अप्रसन्न हों तो वे भय, चिंता, भ्रम और निर्णयहीनता उत्पन्न कर सकते हैं। इससे बचने के लिए प्रतिदिन सूर्यास्त के बाद “ॐ रांग राहवे नमः” मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। साथ ही, चूँकि इस राशि के स्वामी दैत्य गुरु शुक्र हैं, इसलिए प्रत्येक शुक्रवार माता लक्ष्मी की पूजा, श्रीसूक्त का पाठ और विष्णु सहस्रनाम का जाप करना विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगा। यह सभी उपाय आपके जीवन में स्थिरता, समृद्धि और सकारात्मकता को बढ़ाएंगे।
कर्क राशि (Cancer Zodiac)
राहु आपकी गोचर कुंडली के आठवें भाव में विराजमान रहेंगे। ऐसे में रहस्यों, परिवर्तन, आकस्मिक घटनाओं, शोध, आयु, गुप्त विद्या और रूपांतरण का भाव माना जाता है। यह समय जीवन में महत्वपूर्ण और अप्रत्याशित परिवर्तनों से भरा रहेगा। अचानक नौकरी बदलना, स्थान परिवर्तन, करियर की दिशा में बड़ा मोड़ आना या जीवनशैली में गहरा बदलाव संभव है। यह वह अवधि होती है जब व्यक्ति अपने जीवन के किसी छिपे हुए पहलू से सामना करता है। कभी सत्य उजागर होते हैं, कभी पुराने रहस्य सामने आते हैं और कभी भीतर ही भीतर गहरी आध्यात्मिक समझ विकसित होने लगती है। राहु का आठवें भाव में गोचर आपको भीतर से रूपांतरित करेगा।
नए साल 2026 में देवताओं के गुरु बृहस्पति कई राजयोगों का निर्माण करने वाले हैं। वह नए साल में मिथुन, कर्क के साथ सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में वह साल के आरंभ में ही चंद्रमा के साथ युति करके गजकेसरी राजयोग का निर्माण करेंगे। ऐसे में 12 राशियों के जीवन में किसी न किसी तरह से प्रभाव देखने को मिलने वाला है। लेकिन इन तीन राशि के जातकों को किस्मत का पूरा साथ मिल सकता है। जानें इन लकी राशियों के बारे में
डिसक्लेमर- इस लेख को विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
