Panchak Vichar (पंचक2020): पंचक काल चल रहा है। ज्योतिष अनुसार इसे अशुभ माना गया है। पंचक की शुरुआत 22 फरवरी से हुई है जिसकी समाप्ति 27 फरवरी को होगी। हर महीने में पंचक लगते हैं। पंचक अर्थात पांच, किसी कार्य का बार-बार होना और उसकी शुभता में कमी होना। धनिष्ठा नक्षत्र के तीसरे चरण से रेवती नक्षत्र तक का समय पंचक कहलाता है। पंचक की गणना को चंद्रमा के द्वारा भी समझा जाता है। चंद्रमा हर दो दिन में अपनी राशि बदलता है जब इसका गोचर कुंभ राशि से मीन राशि तक होता है तो उस काल को पंचक कहा जाता है। जानिए पूरे साल में कब-कब लगेंगे पंचक और किन कार्यों को इस काल में नहीं किया जाता…

पंचक काल में नहीं किये जाने वाले कार्य (Panchak Me Kya Na Kare):

– इस काल में दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचना चाहिए। क्योंकि इस दौरान इस दिशा में की गई यात्रा से कष्टों का सामना करना पड़ सकता है।

– पंचक चल रहा है तब मकान, भवन या दुकान की छत नहीं डालनी चाहिए। क्योंकि इस समय में निर्माण कार्य करने से कई तरह की बाधाओं या दुर्घटना का सामना करना पड़ सकता है।

– इस समय पर चारपाई बनवाना या पलंग खरीदना भी अच्छा नहीं माना जाता।

– इस दौरान शव दाह संस्कार करना भी वर्जित होता है। कहा जाता है कि अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु पंचक में हुई है तो परिवार के अन्य 5 सदस्यों पर भी संकट बना रहता है। इसके उपाय के लिए मृत व्यक्ति के साथ 5 कुशा के पुतले बनाकर जला देने चाहिए। जिससे अन्य लोगों पर से संकट के बादल हट जाएं।

– इस समय ग्रहप्रवेश और बच्चों का मुंडन नहीं करना चाहिए।

साल 2020 में कब कब लगेंगे पंचक (Panchak 2020):

23 फरवरी 12:29 ए एम से 01:08 ए एम, फरवरी 28 तक
21 मार्च 06:20 से 26 मार्च 07:16 तक
17 अप्रैल 12:18 पी एम से 22 अप्रैल 01:18 तक
14 मई 07:22 पी एम से 19 मई 07:53 पी एम तक
11 जून 03:42 ए एम से 16 जून 03:17 ए एम तक
8 जुलाई 12:31 पी एम से 13 जुलाई 11:14 ए एम तक
4 अगस्त 08:47 पी एम से 9 अगस्त 07:06 पी एम तक
1 सितंबर 03:48 ए एम से 6 सितंबर 02:21 ए एम तक

28 सितंबर 09:41 ए एम से 3 अक्टूबर 08:51 ए एम तक
25 अक्टूबर 03:26 पी एम से 30 अक्टूबर 02:57 पी एम तक
21 नवंबर 10:26 पी एम से 26 नवंबर 09:20 पी एम तक
19 दिसंबर 07:16 ए एम से 24 दिसंबर 04:33 ए एम तक