Onam 2022 Shubh Muhurat, Puja Tithi: ओणम का त्‍योहार दक्षिण भारत में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। ओणम को खासतौर पर खेतों में फसल की अच्छी उपज के लिए मनाया जाता है। मलयालम सौर कैलेंडर के आधार पर ओणम चिंगम माह में मनाते हैं। इस साल ओणम का त्योहार 08 सितंबर दिन गुरुवार को मनाया जाएगा। ओणम इसलिए भी विशेष है क्योंकि इसकी पूजा मंदिर में नहीं बल्कि घर में की जाती है। आइए जानते हैं पूजा का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व…

ओणम 2022 तिथि और शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार  थिरुवोणम् नक्षत्र का प्रारंभ 07 सिंतबर दिन बुधवार को शाम 4 बजे से हो रहा है। साथ ही यह 08 सितंबर गुरुवार को दोपहर 01 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। ओणम को थिरुवोणम् नक्षत्र में मनाते हैं। इसलिए 08 सिंतबर को ओणम का त्योहार मनाया जाएगा। थिरुवोणम् नक्षत्र को हिंदी में श्रवण नक्षत्र कहते हैं।

बन रहे हैं ये शुभ योग

ज्योतिष पंचांग के मुताबिक ओणम का त्योहार रवि योग और सुकर्मा योग में मनाया जाएगा। ओणम के दिन रवि योग दोपहर 01 बजकर 47 मिनट से शुरू होगा और अगले दिन 09 सितंबर को सुबह 06 बजकर 04 मिनट तक रहेगा। इसके साथ ही ओणम वाले दिन रात 09 बजकर 42 मिनट से सुकर्मा योग लग रहा है। ज्योतिष में इन योगों का विशेष महत्व है। इन योगों में पूजा करने का दोगुना फल प्राप्त होता है।

जानिए धार्मिक महत्व

ओणम का पर्व केरल और तमिलनाडु  राज्य में आस्था के साथ मनाया जाता है। ओणम का पर्व असुर राजा महाबली के आदर-सम्मान में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि राजा बलि हर साल ओणम के समय पाताल लोक से पृथ्वी पर आते हैं। साथ ही पाताल से पृथ्वी लोक की यात्रा के उपलक्ष्य में ओणम का त्योहार मनाते हैं। आपको बता दें कि वामन अवतार के समय भगवान विष्णु ने दान में तीन पग भूमि लेकर अपने भक्त बलि को पाताल लोक का राजा बना दिया था। वहीं ओणम पर्व का खेती और किसानों से गहरा संबंध है। किसान अपने फसलों की सुरक्षा और अच्छी उपज के लिए श्रावण देवता और पुष्पदेवी की आराधना करते हैं।

साथ ही इस दिन केरल में प्रसिद्ध नौका दौड़ आयोजित किया जाता है। इसके साथ इस दिन कथकली नृत्य के साथ इस पर्व का लुफ्त उठाया जाता है। यह पर्व दस दिनों तक चलता है। साथ ही इन दिनों पूरे घर की विशेष साफ-सफाई की जाती है। इसके बाद लोग पूरे घर को फूलों से सजाते हैं। वहीं लोग अपने घर के बाहर रोग रंगोली बनाते हैं।